हिमाचल के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने नितिन गडकरी से किया आग्रह
देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली
टैक्सी परमिट की वैधता बढ़ाने तथा परिवहन से जुड़े अन्य महत्त्वपूर्ण मुद्दों को लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। गुरुवार को देश भर के परिवहन मंत्रियों की राष्ट्रीय स्तर की बैठक में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष ये मुद्दे प्रमुखता से उठाए।
दिल्ली में आयोजित 43वीं परिवहन विकास परिषद की बैठक में मुकेश अग्रिहोत्री ने हिमाचल प्रदेश के परिवहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टैक्सी परमिट की वैधता अवधि 12 वर्ष निर्धारित है, जिससे वाहन मालिकों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उपमुख्यमंत्री ने टैक्सी परमिट की अवधि को कम से कम 15 वर्ष अथवा वाहन के सड़क पर चलने योग्य रहने तक बढ़ाने का आग्रह किया।
प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भूमि की उपलब्धता सीमित है। ऐसे में क्लस्टर योजना के तहत ड्राइविंग टेस्ट स्कूल और ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन को अलग-अलग स्थापित करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने मालवाहक वाहनों, विशेषकर टिप्परों की वाहन क्षमता वास्तविक ढुलाई के अनुसार तय करने का सुझाव भी दिया।
मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एक प्रभावी, सुरक्षित और जनहितैषी परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर निरंतर प्रयास कर रही है।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों को आधारभूत ढांचे के विकास, परिवहन सुधारों तथा स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।