लोहड़ी पर करें ये सरल उपाय,दूर होगी आर्थिक तंगी और आएगी बरकत

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  *देवभूमि न्यूज 24.इन*

लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोक पर्व है, जो अग्नि, सूर्य और फसल से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह पर्व केवल मौज-मस्ती का अवसर नहीं, बल्कि कृतज्ञता, दान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। शास्त्रों और लोक परंपराओं के अनुसार, लोहड़ी के दिन श्रद्धा भाव से किए गए कुछ उपाय जीवन में सुख-समृद्धि, धनवृद्धि और पारिवारिक शांति प्रदान करते हैं।
शादी के बाद पहली बार मना रहे हैं लोहड़ी, तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान –
हिंदू पंचांग के अनुसार लोहड़ी 2026 मंगलवार, 13 जनवरी को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को दोपहर 03:13 बजे रहेगा। लोहड़ी मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले मनाई जाती है, जिसे सर्दियों के चरम के अंत सूर्य के उत्तरायण होने की तैयारी। फसल के विकास का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों में अग्नि को शुद्धि और समृद्धि का देवता कहा गया है, इसलिए इस दिन अग्नि पूजा का विशेष महत्व है।
लोहड़ी पर करें ये शुभ उपाय
अग्नि में तिल-गुड़ अर्पित करें
लोहड़ी की संध्या अलाव जलाकर उसमें तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी अर्पित करें।
अर्पण करते समय मन में धन-समृद्धि और परिवार की सुख-शांति की कामना करें।
मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।
दान अवश्य करें
शास्त्रों में कहा गया है दान से लक्ष्मी स्थिर होती हैं। लोहड़ी के दिन जरूरतमंदों को अन्न, गुड़, कंबल या गर्म वस्त्र दान करना विशेष पुण्यदायी माना गया है। इससे धन संबंधी बाधाएं कम होती हैं और घर में बरकत बनी रहती है।
परिवार संग प्रार्थना और लोकगीत
परिवार के सभी सदस्य मिलकर अग्नि के चारों ओर लोहड़ी के लोकगीत गाएं और ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करें।
सामूहिक प्रार्थना से मानसिक शांति, पारिवारिक एकता, वर्ष भर सकारात्मकता बनी रहती है। मीठे और तिल से बने पकवान बांटें।
तिल-गुड़, गजक और रेवड़ी बांटना भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। लोक मान्यता है कि मीठा बांटने से जीवन में मधुरता और धन-समृद्धि आती है।
लोहड़ी पर किए गए ये सरल उपाय न केवल धार्मिक दृष्टि से शुभ हैं, बल्कि मानसिक संतुलन और सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ाते हैं। श्रद्धा और सही भाव से किया गया हर कर्म जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।