अर्की बाजार में भीषण अग्निकांड, 8 वर्षीय बच्चे की मौत, कई लोगों के दबे होने की आशंका

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देवभूमि न्यूज 24.इन
अर्की (सोलन)
सोलन जिले के अर्की बाजार में देर रात हुए भीषण अग्निकांड में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। इस दर्दनाक हादसे में नेपाली मूल के एक परिवार को सबसे अधिक क्षति पहुंची है। आग बुझाने के बाद सुबह मलबे से एक बच्चे का शव बरामद किया गया, जबकि रेस्क्यू के दौरान दो और जले हुए शव मिले हैं, जिनकी पहचान फिलहाल संभव नहीं हो पाई है। इसके अलावा मलबे में छह अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार आग बीती रात करीब 2:45 बजे अर्की बाजार के एक पुराने लकड़ी से बने भवन में लगी, जिसने देखते ही देखते आसपास के भवनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और अर्की फायर स्टेशन के साथ शिमला जिले के बालूगंज, सोलन के बनलगी और अंबुजा सीमेंट कंपनी की दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया और उसे अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोका।
इस हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज नागरिक अस्पताल अर्की में चल रहा है। जिला प्रशासन ने घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि इस अग्निकांड में 8 वर्षीय बच्चे प्रियांश की दर्दनाक मौत हुई है। मृतक के परिजनों को तत्काल फौरी राहत प्रदान कर दी गई है और घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही अर्की के विधायक संजय अवस्थी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि आगजनी में 10 से 15 दुकानें व रिहायशी मकान जलकर राख हो गए हैं। आग तो बुझ चुकी है, लेकिन अभी भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।
मौके पर पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रशासन की ओर से मृतक बच्चे के परिवार को तत्काल राहत राशि प्रदान की गई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
इस दर्दनाक घटना पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आग में कई दुकानें जलकर राख हो गई हैं और एक मासूम बच्चे की जान चली गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं और राहत-बचाव कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य में कोई कोताही न बरती जाए।