पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा // जन्मदिवस विशेष

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देवभूमि न्यूज 24.इन
13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में जन्मे विंग कमांडर राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने 3 अप्रैल 1984 को सोवियत संघ के अंतरिक्ष यान सोयूज टी-11 (Soyuz T-11) से अंतरिक्ष की ऐतिहासिक यात्रा की। इस उपलब्धि के साथ भारत दुनिया का 14वाँ देश बना, जिसने मानव को अंतरिक्ष में भेजा।
🔹 राकेश शर्मा का प्रारंभिक जीवन
राकेश शर्मा का जन्म पंजाब के पटियाला में हुआ। स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद वे वर्ष 1966 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में शामिल हुए। इसके पश्चात 1970 में भारतीय वायुसेना (IAF) में बतौर पायलट उनकी नियुक्ति हुई।
🚀 अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय
साल 1982 में भारत और सोवियत संघ की संयुक्त अंतरिक्ष पहल के अंतर्गत राकेश शर्मा को कॉस्मोनॉट के रूप में चुना गया। उन्होंने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में लगभग दो वर्षों तक कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
2 अप्रैल 1984 को वे सोयूज टी-11 मिशन के तहत अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने।
🛰️ अंतरिक्ष में अनुभव
अपनी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान राकेश शर्मा ने पृथ्वी की अनेक रोचक तस्वीरें लीं, जीरो ग्रैविटी में योग का अभ्यास किया और कई वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लिया। वे अपने साथ कुछ भारतीय व्यंजन भी ले गए थे, जिन्हें उन्होंने अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ साझा किया।
🇮🇳 “सारे जहाँ से अच्छा”
अंतरिक्ष यात्रा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से बातचीत में, जब उनसे पूछा गया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो राकेश शर्मा का ऐतिहासिक उत्तर था
“सारे जहाँ से अच्छा”
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने के लिए सूर्योदय और सूर्यास्त का समय सबसे मनोहारी होता है।
राकेश शर्मा न केवल भारतीय अंतरिक्ष इतिहास के प्रतीक हैं, बल्कि उन्होंने देशवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का नया अध्याय भी लिखा।