बाहरी कैडर के अफसरों पर आरोपों से बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी असहमत

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 *देवभूमि न्यूज 24.इन*
        *शिमला*

हिमाचल कैडर से बाहर के आईएएस–आईपीएस अधिकारियों पर धन आवंटन में बंदरबांट के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के आरोपों को लेकर बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने असहमति जताई है। नेगी ने कहा कि वे इस तरह के सामान्य आरोपों से इत्तेफाक नहीं रखते, क्योंकि बाहरी राज्यों से आए कई अधिकारी हिमाचल में ईमानदारी और समर्पण से अच्छा कार्य कर रहे हैं।
जगत सिंह नेगी ने विक्रमादित्य सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गुण-दोष हर जगह होते हैं, लेकिन यदि किसी अधिकारी पर सवाल हैं तो स्पष्ट रूप से नाम और तथ्य सामने आने चाहिए। केवल सामान्य बयानबाजी से वे अधिकारी भी हतोत्साहित होते हैं, जो बेहतर कार्य कर रहे हैं।
हिमाचल के संसाधनों पर कोई अधिकार नहीं : विक्रमादित्य
इससे पहले लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा था कि हिमाचल के संसाधन प्रदेश के लोगों के हैं। उन्होंने कहा कि चाहे धन केंद्र सरकार से ही क्यों न आए, वह भी हिमाचल की जनता का है और किसी अधिकारी को यह अधिकार नहीं कि वह अपनी मर्जी से धन का आवंटन करे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं पैसों की बंदरबांट हुई है, तो उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
गौरतलब है कि मंगलवार देर शाम विक्रमादित्य सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को लेकर एक पोस्ट साझा की थी। इसमें उन्होंने उपमुख्यमंत्री के मंडी में दिए गए भाषण से सहमति जताते हुए कहा था कि कुछ बाहरी अधिकारी हिमाचल के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और समय रहते उनसे सख्ती से निपटना जरूरी है, अन्यथा प्रदेश के हित प्रभावित हो सकते हैं।
क्वालिटी से समझौता नहीं होगा
लोक निर्माण मंत्री ने सचिवालय में निर्माणाधीन भवन को लेकर सामने आई खामियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि संबंधित रिपोर्ट अप्रैल 2025 की है, जो उनके संज्ञान में आ चुकी है। रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है और यदि निर्माण एजेंसी द्वारा गुणवत्ता से समझौता पाया गया, तो विभाग नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करेगा।