देवभूमि न्यूज 24.इन
धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बुक स्कैनिंग प्रोजेक्ट और फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। इंटरनेट पर लुभावने विज्ञापनों के जरिए स्थानीय युवाओं को झांसे में लेकर उनसे लाखों रुपये ऐंठे गए। पुलिस ने इस संबंध में सारवेव सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
ठगी का शिकार हुए कांगड़ा के तीन युवाओं—अमन रला, अजय कुमार और अंकिता चौधरी—ने पुलिस को बताया कि उन्हें घर बैठे बुक स्कैनिंग के काम से भारी मुनाफे का लालच दिया गया था। योजना के तहत फिजिकल किताबों को स्कैन कर पीडीएफ फाइल में बदलने का काम बताया गया। आरोपियों ने खुद को बड़ी टेक कंपनियों से जुड़ा बताते हुए फर्जी दस्तावेज दिखाए और पीड़ितों पर निवेश के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया। इस तरह तीनों से करीब 30.55 लाख रुपये की ठगी की गई।
मामला दर्ज होने के बाद इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, इस ठगी के तार केवल कंपनी के अधिकारियों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि धर्मशाला और कांगड़ा के कुछ रसूखदार व प्रभावशाली लोग भी पर्दे के पीछे से इसमें शामिल बताए जा रहे हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ ही इन लोगों में भी बेचैनी बढ़ गई है और कई अब कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए भूमिगत होने की कोशिश में हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस फर्जीबाड़े का नेटवर्क केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस उन सभी स्थानीय संपर्कों और सहयोगियों की तलाश कर रही है, जिन्होंने इस फर्जी कंपनी को यहां पैर जमाने में मदद की।
इस बड़े खुलासे के बाद हिमाचल के अन्य जिलों में भी ऐसे निवेश प्रोजेक्ट्स को लेकर लोग सतर्क हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले इसी मामले से जुड़े लोगों ने मध्य प्रदेश में भी शिकायत दर्ज करवाई थी। जानकारी के अनुसार, शुरुआती दौर में निवेश करने वाले कुछ लोगों को मुनाफा मिला, जबकि बाद में जुड़ने वाले छोटे निवेशक बुरी तरह ठगे गए। आरोप है कि दिखावे के लिए कई स्थानों पर कार्यालय खोले गए, महंगी गाड़ियां खरीदी गईं, लेकिन अब आरोपी लंबे समय से फरार बताए जा रहे हैं।