“उम्र में छोटा हूं, टकराव नहीं चाहता”IPS विवाद और अनिरुद्ध सिंह के बयान पर विक्रमादित्य सिंह का दो-टूक संदेश

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“जनता की सेवा मेरा धर्म, मूल्यों से समझौता नहीं करूंगा”
देवभूमि न्यूज 24.इन
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में गरमाए IPS विवाद और कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि वह उम्र में छोटे हैं, इसलिए किसी तरह की टकराव की राजनीति नहीं चाहते। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश की जनता के हितों से किसी भी हाल में समझौता नहीं होगा।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भारत एक संघीय लोकतंत्र है, जहां संविधान के तहत हर संस्था की भूमिका और जिम्मेदारी तय है। जनप्रतिनिधियों का काम सत्ता दिखाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी सार्वजनिक सेवक खुद को शासक समझने की भूल न करे।
“सुरक्षा नहीं, जनता का भरोसा मेरी ढाल”
IPS अधिकारियों के रुख और मुख्यमंत्री से अपॉइंटमेंट के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उन्हें किसी अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। हिमाचल की जनता का प्यार, समर्थन और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। जरूरत पड़ी तो सुरक्षा वापस भी ली जा सकती है।
“कुर्सी जनता की देन, जवाबदेही 75 लाख लोगों से”
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वह इस पद पर जनता के विश्वास के कारण हैं। यदि कहीं जनता के हित प्रभावित होते हैं, तो सवाल उठाना उनका कर्तव्य और नैतिक जिम्मेदारी है। वह अपने सिद्धांतों, मूल्यों और संस्कारों से कभी समझौता नहीं करेंगे।
“मतभेद स्वाभाविक, लेकिन समझौता असंभव”
सरकार के भीतर मंत्रियों के बीच सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाज़ी पर उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मतभेद होना सामान्य है, लेकिन प्रदेश और जनता के मुद्दों पर वह चुप नहीं बैठेंगे।
विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि चाहे वह शिमला में हों या दिल्ली में, हिमाचल प्रदेश के 75 लाख लोगों की आवाज़ बनकर उनके मुद्दे उठाते रहेंगे। यदि कहीं भी प्रदेश के हितों से समझौता होता दिखेगा, तो वह खुलकर बोलेंगे।
पृष्ठभूमि में:
मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी। इसी क्रम में IPS अधिकारियों द्वारा विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात से इनकार और मुख्यमंत्री से अपॉइंटमेंट मांगे जाने का मामला भी चर्चा में रहा, जिस पर अब मंत्री ने फ्रंट फुट पर आकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।