“देवभूमि का शौर्य भाषणों से नहीं, बलिदान से पहचाना जाता है”

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सुजानपुर से जयराम ठाकुर का तीखा संदेश सेना का सम्मान दिखावे से नहीं, दिल से होता है
देवभूमि न्यूज 24.इन
देवभूमि के वीरों के शौर्य और बलिदान को नमन करने के उद्देश्य से सुजानपुर में सर्व कल्याणकारी संस्था द्वारा आयोजित ‘सेना दिवस’ का भव्य मंच उस समय राष्ट्रभक्ति और सियासी संदेश का केंद्र बन गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भावुक लेकिन तीखे शब्दों में देश और प्रदेश को झकझोर देने वाला संबोधन दिया।
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि यह गौरवमयी आयोजन किसी औपचारिक रस्म या मंचीय भाषण का हिस्सा नहीं है।
उन्होंने दो टूक कहा“भाषणों से कहीं अधिक महत्व उन भावों का है, जो हम अपने सैनिकों के लिए हृदय में रखते हैं। भारतीय सेना के प्रति उमड़ी श्रद्धा और कृतज्ञता ही इस समारोह की असली शोभा है।”
“छोटा हिमाचल, सबसे बड़ा सैन्य योगदान”
हिमाचल प्रदेश के गौरवशाली सैन्य इतिहास को याद करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि भले ही हिमाचल क्षेत्रफल और जनसंख्या में छोटा हो, लेकिन देश की सीमाओं की रक्षा में इसका योगदान सबसे बड़ा है।
उन्होंने गर्व से कहा कि देश को पहला परमवीर चक्र देने वाले मेजर सोमनाथ शर्मा हिमाचल की ही धरती से थे और कारगिल युद्ध से लेकर आज तक प्रदेश का हर गांव देशभक्ति की जीवंत मिसाल है।
25 वर्षों की परंपरा पर हमला बर्दाश्त नहीं
जयराम ठाकुर ने पिछले 25 वर्षों से लगातार इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्व विधायक राजेंद्र राणा और उनके पुत्र अभिषेक राणा की खुलकर सराहना की और इसे सैन्य वर्ग के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक बताया।
इसी दौरान उन्होंने बिना नाम लिए उन ताकतों पर तीखा प्रहार किया, जिन्होंने इस पुनीत आयोजन में बाधा डालने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा“जो लोग सेना के नाम पर केवल दिखावटी सम्मान दिखाते हैं और ऐसे आयोजनों को रोकने की सोचते हैं, वे समाज के लिए घातक हैं।”
राष्ट्रगौरव की उपस्थिति
जयराम ठाकुर ने राजस्थान के मेवाड़ से पधारे महाराणा प्रताप के वंशज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति राष्ट्रगौरव और त्याग की परंपरा का प्रतीक है। वहीं राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की मौजूदगी को उन्होंने सैनिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का परिचायक बताया।
“युवाओं की देशभक्ति ही भारत की सुरक्षा”
अंत में जयराम ठाकुर ने शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों के प्रति अपनी कटिबद्धता दोहराते हुए कहा कि देवभूमि के युवाओं की रग-रग में बसा देशभक्ति का जज्बा ही राष्ट्र का असली सुरक्षा कवच है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे।