पिंडी खड्ड पर पुल न बनने से कुठैड़ा पंचायत आज भी विकास से वंचित, ग्रामीणों में रोष

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देवभूमि न्यूज 24.इन
राजीव शर्मन ब्यूरो
अम्ब (ऊना)

चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अम्ब तहसील उपमंडल मुख्यालय की ग्राम पंचायत कुठैड़ा आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है। पंचायत की जीवनरेखा मानी जाने वाली पिंडी खड्ड पर आज़ादी के 50 वर्ष से अधिक समय बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो पाया, जिसके चलते सैकड़ों ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के चाहबाग, दलोह, राजपुर जसवां और कुठैड़ा जैसे गांव विकास की मुख्यधारा से कटे हुए नजर आ रहे हैं। पिंडी खड्ड पर पुल न होने के कारण बरसात के मौसम में ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पक्का परोह या अम्ब–हमीरपुर मुख्य मार्ग से लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय, धन और श्रम तीनों की बर्बादी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल के अभाव में स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच बाधित रहती है। यही कारण है कि कई परिवार मजबूरन अन्य स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। इसके साथ ही पिंडी खड्ड बरसात में रौद्र रूप धारण कर लेती है, जिससे उपजाऊ कृषि भूमि और फसलें बह जाती हैं, और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
ग्राम पंचायत कुठैड़ा के शमशेर सिंह, विजय चौधरी, सुनील जोशी, अमन शर्मा, निखिल कौशल, पवन कुमार, सतपाल सहित अन्य ग्रामीणों ने क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू से मांग की है कि पिंडी खड्ड में लगभग सात किलोमीटर तक तटीयकरण (भूमि कटाव रोकथाम) का कार्य शीघ्र करवाया जाए, ताकि कृषि भूमि और गांवों को बाढ़ से बचाया जा सके।
ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि पक्का परोह के समीप, जनस्वास्थ्य एवं सिंचाई विभाग के कार्यालय भवन के सामने पिंडी खड्ड पर पुल का निर्माण युद्धस्तर पर कराया जाए। उनका कहना है कि पुल और तटीयकरण का कार्य पूरा होने से न केवल कुठैड़ा पंचायत, बल्कि आसपास के कई गांवों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र का विकासात्मक कायाकल्प संभव हो सकेगा।
कुठैड़ा गांव वासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे इस जनसमस्या को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाने पर भी मजबूर हो सकते