हिमाचल प्रदेश में PWD मंत्री विक्रमादित्य का केंद्रीय सिविल सर्विसेज के अधिकारियों बारे अटपटा बयान

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देवभूमि न्यूज 24.इन
इसी तरह पहले उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मंडी में सरकार के 3 वर्ष पूरे होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह की मजूदगी भी अधिकारियों पर बरसे! अवश्य ही बड़ा ही गंभीर सवाल है।
एक तरफ तो राजनीतिक नेतृत्व की अपरिपक्वता झलकती है कांग्रेस के विधायक मंत्री गुटबाजी से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं अपने अपने राजनीतिक एजेंडे लिए हैं इन्हें सरकारी नियमों और मर्यादाओं की चिंता ही नहीं है बस अपना प्रभुत्व बना रहे इस पर ज्यादा ध्यान है। सरकार अब अगले 2 वर्ष चुनावी मोड में होगी। दूसरी तरफ भाजपा संघ भी अपनी तरफ से पूरी कोशिश में हैं कि कांग्रेस सरकार नाकाम हो ताकि उनके भाग्य का छींका टूटे और फिर वे प्रदेश को अपने हिसाब से रौंदे। इसमें केंद्रीय सिविल सर्विसेज के अधिकारी विशेषकर जो प्रदेश के बाहर से तालुक रखते हैं वे बड़ी चतुराई से अपनी कार्यशैली अपनाते हुए समय काटते हैं। पहले जैसे राजनीतिक नेतृत्व बहुत ही कूटनीतिक रूप से सरकार चलाते रहे हैं वो अब दूर दूर तक नजर नहीं आता है वैसे ही अधिकारी भी अब उतनी कर्मठता निष्पक्षता और दक्षता नहीं रखते हैं। वे भी अब पार्टिशन रवैया अपनाते हुए या फिर बचते बचाते समय काटते हैं। पूरी ब्यूरोक्रेसी लगभग दो हिस्सों में राजनीतिक आधार पर बंटी हुई है बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है। और यह लगभग पूरे देश में हो रहा है। भ्रष्टाचार भी अब खुल्मखुला हो रहा है बड़ा ही चिंतनीय है।
यह जो अभी हिमाचल प्रदेश में चल रहा है यह बिल्कुल क
प्रशासनिक व्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अवश्य ही इसका संज्ञान ले कर दो टूक शब्दों में अपने मंत्री मंडल के सहयोगियों को आगाह किया है बहुत ही सराहनीय कदम है। IAS और IPS एसोसिशन द्वारा जो चिंता जताई गई है स्वाभाविक है पर इन सर्विसेज के मापदंडों पर खरी नहीं उतरती है। वो इतना जरूर कह सकते थे कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और खेद जताते और बाकी मुख्यमंत्री से बातचीत कर इसका हल निकालते। इसे मीडिया के माध्यम से उछाला जाना बिल्कुल मर्यादा और सर्विस रूल के विरुद्ध है। सभी को प्रदेश हित में काम करना है। किसी प्रकार की खींच तान बिल्कुल भी मान्य नहीं है। प्रदेश बड़े ही गंभीर आर्थिक संकट में है। केंद्रीय सरकार भी प्रदेश के हित में व्यवहार नहीं रखे हुए हैं। इसलिए हिमाचल प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों राजनीतिक नेतृत्व और जनता जनार्दन को सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रदेश हित में काम कर इस स्थिति से निजात पानी है। अवश्य जिम्मेदार लोग समय की कसौटी पर खरे उतरेंगे। हिमाचल प्रदेश अवश्य ही विकास और सौहार्द के पथ पर खूबसूरती से आगे बढ़ेगा।
जय हिंद जय हिमाचल

डॉ अशोक कुमार सोमल
स्वराज सत्याग्रही व पर्यावरण एवं लोकतंत्र प्रेमी
लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान