देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव अब हर हाल में 30 अप्रैल से पहले कराए जाएंगे। हिमाचल हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बाद सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने चुनाव से जुड़ा मामला रखा, जिस पर मुख्यमंत्री ने विभाग को सभी तैयारियां तुरंत पूरी करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट बैठक से पहले पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मुलाकात कर पंचायतों के कार्यकाल बढ़ाने की मांग रखी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेशों के चलते सरकार के सामने अब चुनाव टालने का कोई विकल्प नहीं बचा है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हरियाणा समेत कुछ राज्यों में पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव देरी से हुए हैं और वहां पंचायतों की शक्तियां किसे सौंपी गईं, इसका अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल हिमाचल में पंचायतों की शक्तियां किसी को सौंपने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस विषय पर कानूनी राय ली जा रही है और आगामी मंत्रिमंडल बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।
इधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुला ली है। इसमें पंचायतीराज, शहरी विकास और आपदा प्रबंधन विभागों के प्रधान सचिव और सचिव शामिल होंगे। आयोग द्वारा पंचायतों और जिला परिषदों का पुनर्गठन व पुनर्सीमांकन पूरा कर लिया गया है। चुनाव 2011 की जनसंख्या को आधार बनाकर कराए जाएंगे। वहीं सरकार नए रोस्टर को लागू करने पर भी विचार कर रही है।
चुनाव आयोग तैयार
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बैलेट पेपर छप चुके हैं, मतदाता सूचियां तैयार हैं और उपायुक्तों को प्रिंटिंग के लिए डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब पंचायत चुनाव टालने की कोई गुंजाइश नहीं, 30 अप्रैल से पहले मतदान तय माना जा रहा है।