देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड ने स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को खारिज किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने से न तो बिजली के बिल बढ़ेंगे और न ही बिजली सब्सिडी पर कोई असर पड़ेगा।
बोर्ड के प्रवक्ता ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर संदेह है, तो सरकार ने मौजूदा मीटर के साथ दूसरा स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति दी है। इससे उपभोक्ता हर 15 मिनट में अपनी बिजली खपत स्वयं देख सकता है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विद्युत उप-मंडल कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में 125 यूनिट तक मिलने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। स्मार्ट मीटर केवल बिजली खपत को मापने का उपकरण है, इसका टैरिफ या बिलिंग नीति से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि पुराने मीटरों में कई बार औसत रीडिंग के आधार पर बिल जारी हो जाते थे, जबकि स्मार्ट मीटर में वास्तविक खपत के अनुसार ही बिल बनेगा। यदि बिजली का उपयोग नहीं किया गया है, तो उपभोक्ता को औसत बिल नहीं मिलेगा।
प्रवक्ता ने बताया कि स्मार्ट मीटर से बिजली खपत का डाटा स्वतः केंद्रीय डाटा सेंटर तक पहुंचता है, जिससे पारदर्शी बिलिंग, बेहतर ऑनलाइन सेवाएं और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा मिलती है। प्रदेश में अब तक लगभग 7.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि स्मार्ट मीटरों को लेकर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल प्रमाणिक जानकारी पर ही भरोसा करें।