*देवभूमि न्यूज 24.इन*
शिमला
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मनाली विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने झूठे वादों के सहारे सत्ता हासिल कर हिमाचल प्रदेश की 28 लाख महिलाओं के साथ छल किया है।
डेजी ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं—प्रियंका गांधी, राजीव शुक्ला और अलका लांबा—ने घर-घर जाकर यह गारंटी दी थी कि प्रदेश की हर महिला को बिना किसी शर्त प्रतिमाह 1500 रुपये दिए जाएंगे। उस समय न आय सीमा की बात की गई और न ही पात्रता या क्षेत्र की कोई शर्त रखी गई, लेकिन सत्ता में आते ही यह वादा पूरी तरह से गायब हो गया।
उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री केवल लगभग 80 हजार महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणा कर रहे हैं, जबकि प्रदेश में महिलाओं की संख्या 28 लाख से अधिक है। यह न केवल महिलाओं के साथ भेदभाव है, बल्कि खुली धोखाधड़ी भी है। मुख्यमंत्री जहां भी जाते हैं, उसी विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं के लिए घोषणाएं कर भ्रम पैदा करते हैं, जबकि पूरे प्रदेश की महिलाओं को उनका अधिकार आज भी नहीं मिल पाया है।
डेजी ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को बने लगभग तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन महिलाएं आज भी अपने मुख्यमंत्री से 1500 रुपये का हिसाब मांग रही हैं। चुनाव के समय कहा गया था कि योजना पर कोई शर्त नहीं होगी, लेकिन अब बार-बार शर्तों का हवाला दिया जा रहा है, जो कांग्रेस की दोहरी नीति और झूठे चरित्र को उजागर करता है।
उन्होंने दावा किया कि यदि सही गणना की जाए तो हिमाचल प्रदेश सरकार पर महिलाओं के प्रति 1500 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी बन चुकी है, जिसे सरकार जानबूझकर नजरअंदाज कर रही है। यह देनदारी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि महिलाओं के विश्वास, सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ी हुई है।
भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने मनरेगा को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर भी पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र सरकार और भाजपा पर झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में पारदर्शिता और जवाबदेही भाजपा सरकारों की देन रही है।
डेजी ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा महिला मोर्चा महिलाओं के साथ हो रहे इस अन्याय को चुपचाप नहीं देखेगा। प्रदेश की महिलाएं अब कांग्रेस के झूठे वादों को पहचान चुकी हैं और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इस धोखे का करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल की महिलाएं अब केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि अपने अधिकारों से संतुष्ट होना चाहती हैं।