राम राजा मंदिर ओरछा: भारत का वह एकमात्र मंदिर जहां भगवान राम को राजा की तरह पूजते हैं भक्त

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   *देवभूमि न्यूज 24.इन*

⭕भारत में भगवान राम के हजारों मंदिर हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित ओरछा एक ऐसी पावन नगरी है, जिसकी कहानी सबसे निराली है। यहां भगवान राम को ‘ईश्वर’ के रूप में नहीं, बल्कि ओरछा के ‘राजा’ के रूप में पूजा जाता है।

ओरछा को ‘बुंदेलखंड की अयोध्या’ भी कहा जाता है और यहां की परंपराएं इतनी अनूठी हैं कि दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलतीं।

🪔भक्ति और जिद की अनोखी कहानी
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इस मंदिर का इतिहास लगभग 500 साल पुराना है और इसका संबंध ओरछा के राजा मधुकर शाह और उनकी रानी कुंवरि गणेश से जुड़ा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राजा मधुकर शाह भगवान कृष्ण के परम भक्त थे, जबकि रानी कुंवरि गणेश भगवान राम की अनन्य भक्त थीं।

एक बार राजा ने रानी को अपने साथ वृंदावन चलने का आग्रह किया, लेकिन रानी अयोध्या जाना चाहती थीं। इस बात पर दोनों के बीच बहस हो गई और राजा ने व्यंग्य करते हुए कहा- •”अगर तुम्हारे राम इतने ही अच्चे हैं, तो उन्हें अयोध्या से ओरछा लाकर दिखाओ।” रानी ने इस चुनौती को स्वीकार किया और ठान लिया कि वे तभी लौटेंगी जब स्वयं रामलला उनके साथ होंगे।

🪔अयोध्या से ओरछा का सफर और 3 शर्तें
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रानी अयोध्या पहुंचीं और सरयू किनारे कठिन तपस्या की। जब भगवान प्रकट नहीं हुए, तो उन्होंने सरयू में छलांग लगा दी। उनकी अटूट भक्ति देख भगवान राम बाल रूप में उनकी गोद में प्रकट हुए। इतिहासकारों और स्थानीय कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने ओरछा चलने के लिए रानी के सामने तीन बड़ी शर्तें रखीं:-

🚩पहली शर्त:- मैं पुष्य नक्षत्र में ही यात्रा करूंगा।

🚩दूसरी शर्त:- जहां मुझे पहली बार बिठा दिया जाएगा, मैं वहीं स्थापित हो जाऊंगा (फिर वहां से कभी नहीं उठूंगा)।

🚩तीसरी शर्त:- ओरछा पहुंचने के बाद वहां की सत्ता मेरी होगी, कोई दूसरा राजा वहां राज नहीं करेगा।

🪔महल बना मंदिर: ‘राजा राम सरकार’ का राजतिलक
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रानी जब रामलला को लेकर ओरछा पहुंचीं, तो रात हो चुकी थी। उन्होंने भगवान की प्रतिमा को अपने महल की रसोई में रख दिया। अगले दिन जब विशाल ‘चतुर्भुज मंदिर’ (जो राजा ने बनवाया था) में भगवान को ले जाने की कोशिश की गई, तो प्रतिमा टस से मस नहीं हुई। भगवान की शर्त के अनुसार, वह रसोई ही उनका स्थायी निवास बन गई, जिसे आज हम राम राजा मंदिर के रूप में जानते हैं।

तब से ओरछा की पूरी सत्ता भगवान राम के हाथों में है। राजा मधुकर शाह ने अपना राजपाठ भगवान के चरणों में सौंप दिया था। आज भी यहां पुलिस के जवान चारों पहर भगवान को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सशस्त्र सलामी) देते हैं।

      *🚩राम_राम_जी🚩*