सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल विवाद: ट्रस्टी से मारपीट का आरोप, स्कूल संचालन को लेकर टकराव तेज

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देवभूमि न्यूज 24.इन
मेरठ
सत्यकाम एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल में स्कूल संचालन को लेकर विवाद गंभीर होता जा रहा है। ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं कोषाध्यक्ष अमित शर्मा के साथ स्कूल परिसर में कथित तौर पर मारपीट और जबरन बाहर फेंके जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के दौरान अमित शर्मा मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।
आरोप है कि वेद इंटरनेशनल स्कूल के संचालक अजीत चौधरी ने कथित तौर पर स्कूल गेट के भीतर फंसे अमित शर्मा के पैर को लात मारकर बाहर किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान सहोदय संस्था से जुड़े अजीत चौधरी और मानवी शर्मा की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
ट्रस्ट का कहना है कि मानवी शर्मा, जो बर्खास्त ट्रस्टी अनुज शर्मा की पुत्री हैं, का ट्रस्ट या स्कूल संचालन में कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। इसके बावजूद उनके द्वारा स्कूल परिसर में दखल और कथित दबाव की कार्रवाई की जा रही है, जो कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
ट्रस्ट के प्रेसिडेंट एवं सेटलर गिरीश कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि सत्यकाम एजुकेशनल ट्रस्ट का गठन दिसंबर 2010 में किया गया था और ट्रस्ट डीड के अनुसार सर्वोच्च अधिकार केवल उन्हें प्राप्त हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय अनियमितताओं के ठोस प्रमाण सामने आने के बाद अनुज शर्मा को ट्रस्ट से बर्खास्त किया गया था। इन अनियमितताओं में अलग-अलग बैंक खाते खोलना, फर्जी हस्ताक्षरों से बैंक लोन लेना और ट्रस्ट के अधिकारों का दुरुपयोग शामिल है।
इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस द्वारा अनुज शर्मा की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी अभी लंबित बताई जा रही है। ट्रस्ट का यह भी कहना है कि अनुज शर्मा और रश्मि मिश्रा द्वारा बिना अधिकार स्कूल संचालन के लिए एक अलग समिति गठित की गई, जिसमें कई शिक्षकों को अभिभावक प्रतिनिधि के रूप में दर्शाया गया, जो नियमों के विपरीत है।
ट्रस्ट पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सीनियर डिवीजन अदालत द्वारा 7 जनवरी को पारित आदेश का गलत अर्थ निकाला जा रहा है, जबकि अनुज शर्मा की बर्खास्तगी, गिरफ्तारी और रश्मि मिश्रा को हटाकर नेहा आनंद को प्रधानाचार्य नियुक्त करने की कार्रवाई पहले ही हो चुकी थी। इसके बावजूद नवनियुक्त प्रधानाचार्य को भी कार्य करने से रोके जाने का आरोप है।
गिरीश कुमार शर्मा ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि न्यायालय के आदेशों की निष्पक्ष समीक्षा कर ट्रस्ट को न्याय दिलाया जाए और स्कूल संचालन में अवैध हस्तक्षेप को रोका जाए।

संवाददाता