सिंगापुर के सैटेलाइट्स को प्रोटेक्शन देगी भारत की प्राइवेट स्पेस कंपनी, Digantara ने की बड़ी डील

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देवभूमि न्यूज 24.इन
नईदिल्ली

भारत का स्पेस सेक्टर काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. कुछ साल पहले तक हम भारत में स्पेस के मामले में सिर्फ एक ही संस्था का नाम जानते थे, जो कि इसरो (ISRO) है. इसरो भारत की सरकारी स्पेस एजेंसी है. अब भारत का प्राइवेट स्पेस सेक्टर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. यहां तक कि भारतीय प्राइवेट स्पेस कंपनियों की सर्विस दूसरे देश भी ले रहे हैं. इसका एक नया उदाहरण बेंगलुरु बेस्ड स्पेस कंपनी डिगंतरा इंडस्ट्रीज़ की ओर से देखने को मिला है.
डिगंतरा इंडस्ट्रीज़ ने सिंगापुर की रक्षा एजेंसी (DSTA) के साथ एक अहम पार्टनरशिप की है. इस पार्टनरशिप का मकसद यानी अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स और स्पेस डेब्रिस पर नजर रखने वाले आधुनिक टूल्स तैयार करना है. इसका सीधा फायदा सिंगापुर के राष्ट्रीय सैटेलाइट्स को टकराव से बचाने में मिलेगा.
डिगंतरा का दावा है कि यह पहली बार है जब सिंगापुर की डिफेंस एजेंसी ने किसी भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप के साथ SSA को लेकर समझौता किया है. यह पार्टनरशिप स्पेस समीट 2026 के दौरान सिंगापुर में घोषित की गई है. इस पार्टनरशिप ने भारत की प्राइवेट स्पेस कंपनियों की ग्लोबल आइडेंटिटी को और भी मजबूत कर दिया है.

डिगंतरा फाउंडर ने क्या कहा

डिगंतरा इंडस्ट्रीज़ के फाउंडर और सीईओ अनिरुद्ध शर्मा के मुताबिक, “इस समझौते की सबसे अहम बात यह है कि सिंगापुर सरकार को बनाए जाने वाले सॉल्यूशन्स पर पूरा सॉवरेन कंट्रोल मिलेगा, यानी सिंगापुर अपने देश में ही इन टेक्नोलॉजी को तैनात कर सकेगा और अपनी जरूरतों के मुताबिक इस्तेमाल कर पाएगा. इसमें सैटेलाइट ऑपरेशन से लेकर स्पेस डोमेन अवेयरनेस तक सब शामिल है.”

डिगंतरा, DSTA को फ्लाइट डायनेमिक्स, कंजंक्शन स्क्रीनिंग और स्पेस डेब्रिस से जुड़ी रियल-टाइम अलर्ट सेवाएं भी देगा. अगर कोई सिंगापुर सैटेलाइट किसी स्पेस डेब्रिस के करीब पहुंचता है, तो समय रहते चेतावनी मिल सकेगी. इससे सैटेलाइट्स की सुरक्षा बढ़ेगी और अंतरिक्ष में टिकाऊ ऑपरेशंस संभव होंगे. इस साझेदारी में AI-ड्रिवन एनालिटिक्स का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें डिगंतरा के स्पेस-बेस्ड और ग्राउंड-बेस्ड सेंसर्स से मिलने वाले डेटा को जोड़ा जाएगा. इससे सैटेलाइट ट्रैकिंग की सटीकता और भरोसेमंद होगी.
अनिरुद्ध शर्मा ने यह भी बताया कि सिंगापुर सरकार डिगंतरा के आने वाले स्पेस मिशनों में गहरी रुचि दिखा रही है. इसमें स्पेस-बेस्ड सेंसर के असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग में सिंगापुर की भागीदारी शामिल हो सकती है. यह सिंगापुर की लॉन्ग-टर्म स्पेस स्ट्रैटेजी का हिस्सा होगा. डिगंतरा इस सहयोग को एशिया-पैसिफिक रीजन में अपने विस्तार के लिए एक मजबूत एंट्री पॉइंट मानता है. सिंगापुर के बाद कंपनी दक्षिण कोरिया, मलेशिया, थाईलैंड जैसे देशों में भी अपने स्पेस सॉल्यूशंस पहुंचाने के प्लान्स बना रही है. कुल मिलाकर, यह पार्टनरशिप भारत और सिंगापुर के बीच स्पेस टेक्नोलॉजी में भरोसे और सहयोग को नई ऊंचाई देती है और भारतीय प्राइवेट स्पेस सेक्टर की पहचान को ग्लोबल लेवल पर और मजबूत करती है।