देवभूमि न्यूज 24.इन
कांगड़ा (डरोह)
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिला के पुलिस कॉलेज डरोह में आयोजित ‘रोजगार संकल्प मेले’ के दौरान 1253 नवनियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती के प्रश्नपत्र लीक हुए थे, जिसके चलते युवाओं के दबाव में भर्ती प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने इस बार भर्ती प्रक्रिया को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से संपन्न करवाकर पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार आगामी दो महीनों के भीतर 800 और पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती करेगी। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश पुलिस और अधिक सशक्त होगी तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त जवानों से कहा कि वे केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी, पहचान और मिशन को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी शांति, संस्कृति और देवभूमि की पहचान के लिए जाना जाता है और नशे के विरुद्ध चल रही लड़ाई में हिमाचल प्रदेश पुलिस सबसे मजबूत शक्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल पुलिस देश की सबसे आधुनिक, तेज और भरोसेमंद पुलिस फोर्स में शामिल है। आपातकालीन सेवा ईआरएसएस-112 में औसत प्रतिक्रिया समय के मामले में हिमाचल पुलिस देश में पहले स्थान पर है, जबकि सीसीटीएनएस में पहाड़ी राज्यों में प्रदेश लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। वहीं आईटीएसएसओ प्रणाली में हिमाचल पुलिस देश-भर में पांचवें स्थान पर है।
उन्होंने बताया कि सरकार पुलिस वर्दी की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है और पुलिस महानिदेशक को प्रतिष्ठित कंपनियों से उच्च गुणवत्ता का कपड़ा खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस कांस्टेबलों की यूनिफॉर्म ग्रांट बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष से सभी भूतपूर्व सैनिकों को 10 वर्ष की सेवा के बाद हॉनरेरी हेड कांस्टेबल और 15 वर्ष की सेवा के बाद हॉनरेरी सहायक उप निरीक्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कांस्टेबल से हेड-कांस्टेबल बनने के लिए बी-1 परीक्षा के निर्णय का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार इस मामले में न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी।
नशे के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 2149 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक हैं। उन्होंने बताया कि चिट्टे के विरुद्ध जन-आंदोलन शुरू किया गया है, जिसमें एंटी-चिट्टा अवेयरनेस वॉकथॉन एक प्रमुख स्तंभ है। चिट्टे में संलिप्त 12 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है और अन्य विभागों के दोषी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशे के विरुद्ध शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न बचाव तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए विभाग की गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, विधायक किशोरी लाल और मलेंद्र राजन, एच.पी. कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान, एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, एसपी अशोक रतन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।