पर्यटन परियोजनाएं तय समय में व विश्व-स्तरीय गुणवत्ता से पूरी हों: मुख्यमंत्री सुक्खू

Share this post

देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश में एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से विकसित की जा रही विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं के निर्माण कार्य में विश्व-स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए इन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एडीबी के सहयोग से ट्रेंच-1 के तहत 1620 करोड़ रुपये तथा ट्रेंच-2 के तहत 730 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य हिमाचल पर्यटन को एक मजबूत ब्रांड के रूप में विकसित करना है और इसी दृष्टिकोण से विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को चरणबद्ध ढंग से कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश में कनेक्टिविटी और अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। विभिन्न हेलीपोर्ट्स का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। पालमपुर और नगरोटा बगवां में एडीबी के सहयोग से 77.70 करोड़ रुपये की लागत से विकास परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।
पालमपुर में एचआरटीसी बस स्टैंड के समीप मल्टीलेवल पार्किंग, पुरानी सब्जी मंडी के पास पार्किंग, कैफे-कॉफी शॉप, पुस्तकालय व रीडिंग रूम, न्यूगल कैफे का जीर्णोद्धार तथा विभिन्न सड़कों और मार्गों के सुधार कार्य किए जा रहे हैं।
नगरोटा बगवां में सड़कों के सुधार, ड्रेन व डक्ट निर्माण, पुराने बस अड्डे का सौंदर्यकरण, क्लॉक टावर का निर्माण, गांधी ग्राउंड, नारदा-शारदा मंदिर, मटौर गार्डन, बरोह, मेला ग्राउंड तथा गुरुद्वारा श्री पौड़ साहिब के सौंदर्यकरण सहित कई कार्य प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमीरपुर जिला के श्री बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर में 51.09 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण व अधोसंरचना विस्तार कार्य किए जा रहे हैं। धर्मशाला में 33.78 करोड़ रुपये की लागत से आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक, कुल्लू में 20.57 करोड़ रुपये तथा मनाली में 36.19 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त कुल्लू स्थित नग्गर कैसल के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार पर 8.63 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिमला में आइस व रोलर स्केटिंग रिंक, मनाली में आइस स्केटिंग रिंक, कालेश्वर महादेव मंदिर कून्हा में जन-सुविधाएं, हमीरपुर जिला के नादौन में राफ्टिंग कॉम्प्लेक्स, वेलनेस सेंटर, साहसिक खेल केंद्र व छात्रावास तथा नगरोटा बगवां में वेलनेस सेंटर और म्यूजिकल फाउंटेन का निर्माण भी एडीबी के सहयोग से किया जाएगा।
बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली ने पर्यटन विकास बोर्ड के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी और सुझाव प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, सचिव आशीष सिंघमार, निदेशक पर्यटन विवेक भाटिया, परियोजना निदेशक (एडीबी पर्यटन परियोजना) विवेक महाजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।