देवभूमि न्यूज 24.इन
चंडीगढ़/नई दिल्ली
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने के मुद्दे पर पंजाब भाजपा समेत पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने सवाल उठाया है कि यदि पार्टी छोड़ना गद्दारी है, तो अकाली दल से कांग्रेस में आए शेर सिंह घुबाया और आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए डॉ. धर्मवीर गांधी को राहुल गांधी क्या कहेंगे?
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर मामले में दोहरा मापदंड अपनाती है। भाजपा का कहना है कि ‘गद्दार’ जैसे शब्दों का प्रयोग न केवल एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि इससे पूरे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
भाजपा ने यह भी सवाल किया कि राहुल गांधी यह क्यों नहीं बताते कि उनकी पार्टी का चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ किस प्रकार का समझौता हुआ था। साथ ही आरोप लगाया गया कि कांग्रेस ने सिखों को गद्दार कहने की मानसिकता अपनाई, लेकिन 1984 के दंगों के दोषियों को सजा दिलाने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया।
इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा, अरविंदर लवली, पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा लगातार कांग्रेस से सवाल पूछ रहे हैं।
भाजपा ने 4 फरवरी को राहुल गांधी द्वारा रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहे जाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह बयान न केवल अनुचित है, बल्कि सिख समुदाय के सम्मान के खिलाफ भी है। भाजपा नेताओं ने कहा कि देश की आज़ादी, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में सिखों का योगदान अतुलनीय रहा है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि 1984 में श्री अकाल तख्त पर हमला कांग्रेस की सिख-विरोधी मानसिकता और उसके दोहरे मापदंडों का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।