देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला
दिल्ली दौरे से शिमला लौटते ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा नेताओं के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें आरोप लगाने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर प्रदेशहित के मुद्दे उठाने चाहिए।
सीएम सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर अपने सांसदों और विधायकों को साथ लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात करें और हिमाचल के लिए आर्थिक मदद सुनिश्चित करें। “भाजपा को मुझे कोसने के बजाय केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए सहायता लानी चाहिए,” उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर चिट्ठी के मुद्दे पर झूठ बोल रहे हैं।
आत्मनिर्भर हिमाचल की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार सोच-समझकर निर्णय ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को नुकसान पहुंचाने वाला कोई फैसला नहीं लिया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने निगम-बोर्डों में भाजपा सरकार की तुलना में आधे ही अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सलाहकार नियुक्त किए हैं, और वे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने 54 हजार करोड़ रुपये की फिजूलखर्ची की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई थी, तब प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और उन्होंने उसे “श्रीलंका जैसी स्थिति” बताया था। लेकिन अब हालात में सुधार किया गया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर गलत तरीके से ऋण लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) राज्य का अधिकार है।
दिल्ली दौरे पर क्या बोले मुख्यमंत्री
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद सत्र के कारण उनसे भेंट नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में उन्होंने पार्टी संगठन की बैठक में भाग लिया और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा की।
सीएम सुक्खू के अनुसार, पी. चिदंबरम ने भी आरडीजी बंद होने पर हैरानी जताई और इस विषय पर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने तीन वर्षों में बेहतर कार्य किया है, भ्रष्टाचार के “चोर दरवाजों” को बंद किया है और राज्य की आय बढ़ाने के ठोस कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार प्रदेश के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र से अपने अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठाती