महिलाओं के सशक्तिकरण का नया अध्याय: बजट 2026–27 का अनुराग ठाकुर ने किया स्वागत

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देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्रीय बजट 2026–27 का स्वागत करते हुए इसे भारत की नारी शक्ति के विकास में एक अहम और ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की नारी शक्ति ने सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है, और यह बजट उसी संकल्प को और मजबूत करता है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026–27 महिलाओं पर केंद्रित आर्थिक सुधारों का ऐतिहासिक विस्तार है। उनके अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा जेंडर-रिस्पॉन्सिव बजट है, जो महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक संदर्भ बिंदु (रेफरेंस) के रूप में उभरेगा।
उन्होंने बताया कि इस बार कुल बजट का 9.37 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं की बराबरी और सशक्तिकरण के लिए निर्धारित किया गया है। महिला और बालिकाओं के कल्याण हेतु लगभग पाँच लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले बजट की तुलना में 11.36 प्रतिशत अधिक है।
लखपति दीदी योजना को मिलेगा नया विस्तार
ठाकुर ने जानकारी दी कि ‘लखपति दीदी’ योजना को ‘शी-मार्ट’ (Self-Help Entrepreneur Marts) से जोड़ा जा रहा है। वर्ष 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 1,48,32,258 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए 100 प्रतिशत आवंटन वाली योजनाओं के अंतर्गत बजट को बढ़ाकर ₹1,07,688.42 करोड़ किया गया है। यह धनराशि आवास, आजीविका, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में खर्च की जाएगी, जिससे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जीवन-चक्र आधारित दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।
आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका पर जोर
अनुराग ठाकुर ने दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के लिए 2026–27 में ₹19,200 करोड़ के आवंटन को सराहा। उन्होंने कहा कि इससे लाखों महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को ऋण, कौशल और सतत आय के अवसर मिलेंगे।
इसी प्रकार, ‘नमो ड्रोन दीदी’ पहल के लिए ₹676.85 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो महिला किसानों और कृषि-उद्यमियों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने ‘SHE-मार्ट्स’ की घोषणा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह लाखों महिला SHG सदस्यों को स्वतंत्र उद्यमी बनाने की दिशा में परिवर्तनकारी कदम है।
आवास, सुरक्षा और गरिमा पर विशेष ध्यान
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं शहरी 2.0) के अंतर्गत महिलाओं पर केंद्रित घटकों के लिए ₹21,625.05 करोड़ का आवंटन किया गया है। ठाकुर ने कहा कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सुरक्षित घर, संपत्ति सृजन और वित्तीय समावेशन के अवसर मिलेंगे।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ₹1,014.05 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें सेफ सिटी परियोजनाएं और मजबूत पुलिसिंग ढांचा शामिल है, जिससे सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
मिशन शक्ति और शिक्षा को मजबूती
महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत ‘मिशन शक्ति’ के लिए ₹3,200 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस योजना के तहत सुरक्षा, कौशल विकास, कानूनी सहायता और संस्थागत समर्थन प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा। राष्ट्रीय महिला आयोग को ₹36 करोड़ की राशि शिकायत निवारण और नीति वकालत को मजबूत करने के लिए दी गई है।
ठाकुर ने बताया कि प्रत्येक जिले और उच्च शिक्षा संस्थानों, विशेषकर STEM विषयों में, छात्राओं के लिए छात्रावास स्थापित किए जाएंगे। समग्र शिक्षा और संबद्ध कार्यक्रमों के माध्यम से ड्रॉपआउट दर कम करने और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में महिला भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
एकीकृत रणनीति की दिशा में कदम
अंत में अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार केवल उद्यम सृजन को ही नहीं, बल्कि बाजार तंत्र और संस्थागत समर्थन को भी मजबूत कर रही है। शी-मार्ट्स नेटवर्क, उद्यम वित्तपोषण, मजबूत SHG आजीविका प्रणाली, सुरक्षा कार्यक्रम, आवास स्वामित्व और शिक्षा समर्थन—ये सभी मिलकर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की एक एकीकृत रणनीति का निर्माण करते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि बजट 2026–27 भारत की नारी शक्ति को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।