देवभूमि न्यूज 24.इन
- जिसका जन्म नहीं होता – अजन्मा
- पुस्तकों की समीक्षा करने वाला समीक्षक , -आलोचक
- जिसे गिना न जा सके – अगणित
- जो कुछ भी नहीं जानता हो -अज्ञ
- जो बहुत थोड़ा जानता हो- अल्पज्ञ
- जिसकी आशा न की गई हो – अप्रत्याशित
- जो इन्द्रियों से परे हो – अगोचर
- जो विधान के विपरीत हो – अवैधानिक
- जो संविधान के प्रतिकूल हो – असंवैधानिक
- जिसे भले -बुरे का ज्ञान न हो – अविवेकी
- जिसके समान कोई दूसरा न हो – अद्वितीय
- जिसे वाणी व्यक्त न कर सके – अनिर्वचनीय
- जैसा पहले कभी न हुआ हो – अभूतपूर्व
- जो व्यर्थ का व्यय करता हो – अपव्ययी
- बहुत कम खर्च करने वाला – मितव्ययी
- सरकारी गजट में छपी सूचना – अधिसूचना
- जिसके पास कुछ भी न हो – अकिंचन
- दोपहर के बाद का समय – अपराह्न
- जिसका निवारण न हो सके – अनिवार्य
- देहरी पर रंगों से बनाई गई चित्रकारी – अल्पना
- आदि से अन्त तक- आघन्त
- जिसका परिहार करना सम्भव न हो – अपरिहार्य
- जो ग्रहण करने योग्य न हो – अग्राह्य
- जिसे प्राप्त न किया जा सके – अप्राप्य
- जिसका उपचार सम्भव न हो – असाध्य
- भगवान में विश्वास रखने वाला आस्तिक
- भगवान में विश्वास न रखने वाला – नास्तिक
- आशा से अधिक- आशातीत
- ऋषि की कही गई बात – आर्ष
- पैर से मस्तक तक – आपादमस्तक
- अत्यंत लगन एवं परिश्रम वाला – अध्यवसायी
- आतंक फैलाने वाला – आंतकवादी
- देश के बाहर से कोई वस्तु मंगाना – आयात
- जो तुरंत कविता बना सके- आशुकवि
- नीले रंग का फूल – इन्दीवर
- उत्तर -पूर्व का कोण – ईशान
- जिसके हाथ में चक्र हो – चक्रपाणि
- जिसके मस्तक पर चन्द्रमा हो – चन्द्रमौलि
- जो दूसरों के दोष खोजे – छिद्रान्वेषी
- जानने की इच्छा- जिज्ञासा
- जानने को इच्छुक – जिज्ञासु
- जीवित रहने की इच्छा – जिजीविषा
- इन्द्रियों को जीतने वाला- जितेन्द्रिय
- जीतने की इच्छा वाला – जिगीषु
- जहाँ सिक्के ढाले जाते हैं – टकसाल
- जो त्यागने योग्य हो – त्याज्य
- जिसे पार करना कठिन हो- दुस्तर
- जंगल की आग – दावाग्नि
- गोद लिया हुआ पुत्र – दत्तक
- बिना पलक झपकाए हुए – निर्निमेष
- जिसमें कोई विवाद ही न हो – निर्विवाद
- जो निन्दा के योग्य हो – निन्दनीय
- मांस रहित भोजन- निरामिष
- रात्रि में विचरण करने वाला- निशाचर
- किसी विषय का पूर्ण ज्ञाता – पारंगत
- पृथ्वी से सम्बन्धित – पार्थिव
- रात्रि का प्रथम प्रहर- प्रदोष
- जिसे तुरंत उचित उत्तर सूझ जाए – प्रत्युत्पन्नमति
- मोक्ष का इच्छुक- मुमुक्षु
- मृत्यु का इच्छुक – मुमूर्षु
- युद्ध की इच्छा रखने वाला- युयुत्सु
- जो विधि के अनुकूल है – वैध
- जो बहुत बोलता हो – वाचाल
- शरण पाने का इच्छुक – शरणार्थी
- सौ वर्ष का समय – शताब्दी
- शिव का उपासक – शैव
- देवी का उपासक – शाक्त
- समान रूप से ठंडा और गर्म -समशीतोष्ण
- जो सदा से चला आ रहा हो– सनातन
- समान दृष्टि से देखने वाला – समदर्शी
- जो क्षण भर में नष्ट हो जाए – क्षणभंगुर
- फूलों का गुच्छा – स्तवक
- संगीत जानने वाला -संगीतज्ञ
- जिसने मुकदमा दायर किया है- वादी
- जिसके विरुद्ध मुकदमा दायर किया है- प्रतिवादी
- मधुर बोलने वाला -मधुरभाषी
- धरती और आकाश के बीच का स्थान – अंतरिक्ष
- हाथी के महावत के हाथ का लोहे का हुक – अंकुश
- जो बुलाया न गया हो -अनाहूत
- सीमा का अनुचित उल्लंघन – अतिक्रमण
- जिस नायिका का पति परदेश चला गया हो प्रोषित- पतिका
- जिसका पति परदेश से वापस आ गया हो आगत- पतिका
- जिसका पति परदेश जाने वाला हो – प्रवत्स्यत्पतिका
- जिसका मन दूसरी ओर हो -अन्यमनस्क
- संध्या और रात्रि के बीच की वेला -गोधुलि
- माया करने वाला -मायावी
- किसी टूटी – फूटी इमारत का अंश- भग्नावशेष
- दोपहर से पहले का समय -पूर्वाह्न
- कनक जैसी आभा वाला -कनकाय
- हृदय को विदीर्ण कर देने वाला – हृदय विदारक
- हाथ से कार्य करने का कौशल – हस्तलाघव
- अपने आप उत्पन्न होने वाला – स्त्रैण
- जो लौटकर आया है – प्रत्यागत
- जो कार्य कठिनता से हो सके – दुष्कर
- जो देखा न जा सके – अलक्ष्य
- बाएँ हाथ से तीर चला सकने वाला- सव्यसाची
- वह स्त्री जिसे सूर्य ने भी न देखा हो – असुर्यम्पश्या
- यज्ञ में आहुति देने वाला – हौदा
- जिसे नापना सम्भव न हो – असाध्य
- जिसने किसी दूसरे का स्थान अस्थाई रूप से ग्रहण किया हो – स्थानापन्न
✍️ज्यो:शैलेन्द्र सिंगला पलवल हरियाणा mo no/WhatsApp no9992776726
नारायण सेवा ज्योतिष संस्थान
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