उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा पर शिमला में राज्य स्तरीय परामर्श आयोजित

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देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला, हिमाचल प्रदेश

राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा शिमला में “उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा” विषय पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग की माननीय अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने की।
इस महत्वपूर्ण परामर्श में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार एवं वरिष्ठ शिक्षाविद, राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, शिमला प्रशासन के प्रतिनिधि, छात्र प्रतिनिधि तथा अधिवक्तागण उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
अपने संबोधन में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने कहा,
“आज यह आवश्यक है कि विश्वविद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि आंतरिक समिति केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि व्यवहारिक रूप से सक्रिय हो। पारदर्शिता, जवाबदेही और गोपनीयता के साथ शिकायतों का निस्तारण हो, ताकि हर छात्रा को यह विश्वास मिले कि उसका संस्थान उसके साथ खड़ा है — यही विश्वास एक वास्तविक रूप से सुरक्षित परिसर की पहचान होता है।”
परामर्श कार्यक्रम के दौरान शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करने, शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाने, यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम (POSH) के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पुलिस-प्रशासन और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि छात्राओं की सुरक्षा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि संस्थान की समग्र संस्कृति का हिस्सा होना चाहिए। सहभागी प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि नियमित जागरूकता कार्यक्रम, हेल्पलाइन की सक्रियता, कैंपस निगरानी व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई तंत्र को और मजबूत किया जाए, ताकि छात्राओं को भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण मिल सके।