देवभूमि न्यूज 24.इन
सुंदरनगर
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुंदरनगर में आयोजित भाजपा की बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसी परिस्थिति बनी है, जब एक ओर प्राकृतिक आपदाओं का असर पड़ा और दूसरी ओर सरकार के गलत फैसलों ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और अधिक कमजोर कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार चुनाव से पहले 10 गारंटियों के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन आज वही सरकार अपनी गारंटियों से पीछे हटती दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच साल में लाखों रोजगार देने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दायरा बढ़ाने और कर्मचारियों को विभिन्न लाभ देने के बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब वित्त विभाग की प्रस्तुति में खुद स्वीकार किया जा रहा है कि बिजली सब्सिडी कम करनी पड़ेगी, मुफ्त सुविधाओं की समीक्षा होगी और कई योजनाओं को सीमित करना पड़ेगा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर जहां पहले लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च हो रहे थे, अब उसे घटाकर करीब 500 करोड़ रुपये तक सीमित करने की बात कही जा रही है। उन्होंने इसे गरीबों और बुजुर्गों के हितों पर सीधा प्रहार बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को डीए और एरियर देने में असमर्थता जता रही है तथा नया वेतन आयोग गठित करने से भी पीछे हट रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस लागू करने का वादा कर समर्थन हासिल किया, अब वही ओपीएस की समीक्षा कर यूपीएस की ओर जाने की बात कर रही है, जो कर्मचारियों के विश्वास के साथ धोखा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वित्तीय प्रस्तुति में विकास कार्यों पर रोक लगाने और सब्सिडी ढांचे में व्यापक कटौती के संकेत दिए गए हैं। उन्होंने इसे सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन का परिणाम बताते हुए कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) का चरणबद्ध कम होना पहले से तय था, इसके बावजूद कांग्रेस ने बिना ठोस वित्तीय आधार के गारंटियां बांटकर जनता को भ्रमित किया।
उन्होंने कहा कि अब जब वास्तविक स्थिति सामने आ रही है, तो सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय केंद्र पर दोष मढ़ रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा इन मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाती रहेगी।