राहुल गांधी के खिलाफ रणनीति बदली: विशेषाधिकार हनन नहीं, ‘विशिष्ट प्रस्ताव’ का नोटिस

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देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ केंद्र सरकार अब विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं लाएगी। एक दिन पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने ऐसा प्रस्ताव लाने की बात कही थी, लेकिन अब सरकार ने अपनी रणनीति बदल दी है।
भाजपा सांसद ने दिया ‘विशिष्ट प्रस्ताव’ का नोटिस
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को राहुल गांधी के खिलाफ एक विशिष्ट प्रस्ताव (Substantive Motion) लाने का नोटिस दिया है। इस प्रस्ताव के जरिए उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की गई है।
दुबे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं दिया है, बल्कि एक स्वतंत्र विशिष्ट प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिसे सदन की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाता है और जो किसी फैसले या राय को व्यक्त करने के उद्देश्य से लाया जाता है।
विवाद की पृष्ठभूमि
दरअसल, बुधवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने ‘एपस्टीन फाइल्स’ का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेकर आरोप लगाए थे। इसके अलावा उन्होंने सरकार पर देश को बेचने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए।
इसी के बाद सरकार ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का संकेत दिया था।
दुबे के आरोप
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कथित तौर पर विदेशी संगठनों जैसे सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन और यूएसएड से जुड़े तत्वों के साथ मिलकर भारत-विरोधी ताकतों के साथ संबंध रखते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने और आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग दोहराई।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सदन में इस विशिष्ट प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाया जाता है और आगे की संसदीय प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।