सर्वदलीय बैठक का भाजपा ने किया बहिष्कार, सुक्खू सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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देवभूमि न्यूज 24.इन
हिमाचल सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार पर लगाए जा रहे कथित अनर्गल आरोपों और सुक्खू सरकार के राजनीतिक रवैये के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक का बहिष्कार कर बीच में ही बाहर आने का निर्णय लिया।
नेता प्रतिपक्ष Jai Ram Thakur ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार केवल ओछी राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वदलीय बैठक के दौरान प्रस्तुत प्रेजेंटेशन में भ्रामक और राजनीति से प्रेरित आंकड़े पेश किए गए। मुख्यमंत्री बार-बार बैठकें बुला रहे हैं, लेकिन स्वयं स्पष्ट नहीं हैं कि उन्हें करना क्या है।
वित्त आयोग और राजस्व घाटा अनुदान पर उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने कहा कि 12वें वित्त आयोग के समय से ही राजस्व घाटा अनुदान बंद करने की पैरवी होती रही है।
13वें वित्त आयोग में हिमाचल को लगभग 7800 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला।
14वें वित्त आयोग के दौरान, जब केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार थी और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार, तब हिमाचल को 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व घाटा अनुदान मिला।
15वें वित्त आयोग ने भी अनुदान को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की वकालत की, हालांकि कोविड महामारी के दौरान अनुदान “टेपर्ड डाउन” रूप में जारी रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि 16वें वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश सरकार ने प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखने के बजाय केंद्र सरकार को कोसने का काम किया।
केंद्र से सहयोग का दावा
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल को सहयोग दे रही है। उन्होंने दावा किया कि मनमोहन की सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को अनुदान और टैक्स हिस्सेदारी कई गुना अधिक मिली है।
उन्होंने बताया कि विशेष राज्य के दर्जे के तहत केंद्र प्रायोजित योजनाओं में राज्य की हिस्सेदारी मात्र 10% है। बाह्य सहायता प्राप्त योजनाओं (EAP) में भी 90% भार केंद्र सरकार वहन करती है। हाल ही में वर्ल्ड बैंक द्वारा हिमाचल को 1992 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ है, जिसमें से 1792 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा चुकाए जाएंगे।
बजट और योजनाओं पर जोर
उन्होंने कहा कि इस बार के केंद्रीय बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के बजट में 17% (लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये) की वृद्धि की गई है, जिससे हिमाचल को सीधा लाभ मिलेगा।
सड़क परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल शक्ति और शहरी निकायों के बजट में ऐतिहासिक वृद्धि का दावा भी किया गया।
हिमाचल के टैक्स डेवोल्यूशन में लगभग 9% वृद्धि हुई है, जिससे अगले वित्तीय वर्ष में प्रदेश को करीब 2300 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
केंद्र सरकार द्वारा रेलवे, सड़क परिवहन, जल शक्ति मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अनेक जनहित योजनाओं के तहत सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कई स्थानों पर अपनी हिस्सेदारी समय पर नहीं दे रही, जिससे परियोजनाएं लटक रही हैं।
पंचायत चुनाव पर प्रतिक्रिया
पंचायत चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने स्थानीय निकाय चुनाव 31 मई तक करवाने के निर्देश दिए हैं, जिसका भाजपा स्वागत करती है।
उन्होंने अंत में कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार दिशाहीन हो गई है और अपनी नाकामी का ठीकरा केंद्र और पूर्व की सरकारों पर फोड़ रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।