देवभूमि न्यूज 24.इन
राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को लेकर बुलाई गई बैठक पर विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बैठक के संबंध में चिट्ठी लेकर घूम रहे थे, जबकि उनके पास फोन की सुविधा भी थी। उन्होंने कहा कि बैक डेट में चिट्ठी जारी कर 7 तारीख को उनके कार्यालय में डिलीवर की गई।
इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर ने स्वयं मीडिया में यह बयान दिया था कि वित्त सचिव ने चिट्ठी भेजी है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने उनसे बात नहीं की थी? मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम के बयान और वीडियो सामने आने के बाद ही चिट्ठी दिखाने की नौबत आई।
बहस के दौरान हर्षवर्धन सिंह चौहान ने भी कहा कि उन्होंने जयराम ठाकुर से इस विषय पर बातचीत की थी। इस पर जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि चिट्ठी कब छपी और कब सौंपी गई। उन्होंने कहा कि जब मंत्री ने उनसे बात की, उस समय वे टूर पर थे और मुख्यमंत्री ने सदन में असत्य बयान दिया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि “झूठ तो आप सरेआम बोल रहे हैं।”
बाल सफेद होने पर भी दोनों में नोकझोंक
सदन में बहस के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणियां भी हुईं। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि अब वे एनएसयूआई में नहीं हैं और दोनों ही अब उम्रदराज हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “बाल सफेद हो गए हैं। सीएम सुनते नहीं हैं और जोर से बोलने से बातें ठीक नहीं होतीं, प्यार से भी बात की जा सकती है।”
उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ बार-बार टिप्पणी करने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में राज्य का हिस्सा बढ़ा है, ऐसे में लोक निर्माण मंत्री को केंद्र से बजट मिलने पर धन्यवाद देना चाहिए।
इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब देते हुए कहा, “आपने कहा कि बाल सफेद हो गए, इसमें मेरा क्या कसूर। आपके बाल इसलिए उड़ गए कि आपको राज्य की चिंता नहीं रही, जबकि मेरे बाल इसलिए सफेद हैं क्योंकि मुझे राज्य की चिंता है।”
आरडीजी के मुद्दे पर शुरू हुई बहस अंततः व्यक्तिगत तंज और तीखी नोकझोंक में बदल गई, जिससे सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्म रहा।