शिमला: पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज, 31 मई से पहले होंगे चुनाव

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देवभूमि न्यूज 24.इन
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में 31 मार्च तक पंचायत चुनावों के लिए आचार संहिता लागू हो सकती है। प्रशासनिक स्तर पर आरक्षण रोस्टर तैयार किया जा रहा है और 20 मार्च तक इसे जारी किए जाने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 31 मई से पहले हर हाल में पंचायत चुनाव करवाए जाएं। अदालत के निर्देशों के बाद सरकार पर तय समय सीमा में चुनाव सम्पन्न कराने का दबाव बढ़ गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग भी चुनावी तैयारियों में जुट गया है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण, बूथ निर्धारण और कर्मचारियों की ड्यूटी तय करने का कार्य जारी है, ताकि समय रहते मतदान प्रक्रिया पूरी की जा सके। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि पंचायतीराज विभाग द्वारा आरक्षण रोस्टर जारी होते ही आयोग चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
हिमाचल में 3617 हो जाएंगी पंचायतें
प्रदेश में 40 नई पंचायतों के गठन के बाद कुल पंचायतों की संख्या 3617 हो जाएगी। वर्तमान में 3577 पंचायतें हैं। पंचायतीराज विभाग ने पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया है।
19 फरवरी को नई पंचायतों को लेकर अधिसूचना जारी की जाएगी। लोगों से आपत्तियां और सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं।
जिलावार नई पंचायतों का गठन इस प्रकार होगा:
कांगड़ा जिला – 13 पंचायतें
ऊना जिला – 6 पंचायतें
शिमला जिला – 4 पंचायतें
बिलासपुर जिला – 4 पंचायतें
हमीरपुर जिला – 3 पंचायतें
मंडी जिला – 3 पंचायतें
सोलन जिला – 3 पंचायतें
चंबा जिला – 3 पंचायतें
सिरमौर जिला – 2 पंचायतें
इसके अतिरिक्त, सोलन जिले की दो और ऊना जिले की एक पंचायत पहले ही गठित की जा चुकी है।
अब सभी की नजर 20 मार्च को संभावित आरक्षण रोस्टर जारी होने और 31 मार्च तक आचार संहिता लागू होने पर टिकी है। पंचायत चुनावों को लेकर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं।