देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली
सीबीएसई (CBSE) ने कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2026 की नई परीक्षा स्कीम को लेकर पात्रता नियमों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। यह स्पष्टिकरण उन छात्रों और अभिभावकों के सवालों के बाद सामने आया है, जो व्यक्तिगत, चिकित्सीय या अन्य कारणों से पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहने की स्थिति में दूसरी परीक्षा में बैठने की संभावना जानना चाहते थे।
पहली परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी छात्रों के लिए पहली (मुख्य) बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों की परीक्षा नहीं देता है, तो वह दूसरी परीक्षा के लिए पात्र नहीं रहेगा।
ऐसे छात्रों को ‘Essential Repeat’ श्रेणी में रखा जाएगा और वे केवल अगले वर्ष फरवरी में आयोजित मुख्य परीक्षा सत्र में ही संबंधित विषयों की परीक्षा दे सकेंगे। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस नियम में किसी प्रकार की छूट या अपवाद पर विचार नहीं किया जाएगा।
दूसरी परीक्षा के लिए कौन पात्र?
सीबीएसई के अनुसार दूसरी परीक्षा सभी छात्रों के लिए नहीं है। यह केवल निम्नलिखित श्रेणियों के लिए आयोजित की जाएगी:
- सुधार (Improvement)
जो छात्र पहली परीक्षा में पास हो चुके हैं लेकिन अपने अंक बढ़ाना चाहते हैं, वे विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे मुख्य विषयों में से अधिकतम तीन विषयों की परीक्षा दोबारा दे सकते हैं। - कम्पार्टमेंट (Compartment)
जिन छात्रों का परिणाम ‘कम्पार्टमेंट’ आया है, वे अपनी पात्रता सिद्ध करने के लिए दूसरी परीक्षा दे सकते हैं। - विषय बदलना (Replacement)
सफल छात्र, जो किसी स्किल विषय को मुख्य विषय से बदलना चाहते हैं, वे भी दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
एक्स्ट्रा और नए विषयों पर रोक
नई नीति के तहत 10वीं पास करने के बाद छात्र दूसरी परीक्षा के माध्यम से कोई नया या अतिरिक्त विषय नहीं जोड़ सकते। परीक्षा केवल उन्हीं विषयों तक सीमित रहेगी, जो मुख्य सत्र में लिए गए थे।
बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे मुख्य परीक्षा को ही प्राथमिक और अंतिम अवसर मानकर तैयारी करें। तीन से अधिक पेपर मिस करने की स्थिति में पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।