सदन में झूठे आंकड़े पेश किए जा रहे, सरकार जिम्मेदार – जयराम ठाकुर

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देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला

विधानसभा सत्र के समापन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लगातार गलत आंकड़े पढ़े जा रहे थे और विपक्ष को जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मजबूरन भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल को वेल में आकर नारेबाजी करनी पड़ी, लेकिन उनका पक्ष नहीं सुना गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्र के दौरान सत्ता पक्ष बार-बार यह कहता रहा कि आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) खैरात नहीं, बल्कि अधिकार है, जबकि मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री अलग-अलग तरीके से विरोधाभासी आंकड़े प्रस्तुत कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वित्त विभाग की प्रस्तुति से भिन्न आंकड़े सदन में रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग के समक्ष उनकी सरकार द्वारा दी गई प्रस्तुति के आधार पर ही हिमाचल को लाभ मिला था। उन्होंने बताया कि उस समय राज्य के हितों को मजबूती से रखा गया और हर मंच पर प्रदेश की समस्याएं उठाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से सहयोग प्राप्त हुआ। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि आज हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान नहीं मिल रहा है तो इसके लिए वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनकी सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि वे प्रदेश के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं कर पाए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सदैव हिमाचल के हितों के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने सरकार से राजनीति छोड़कर प्रदेश के विकास पर ध्यान देने की अपील की।
विधानसभा सत्र के समापन के बाद नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार की विद्युत नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। भाजपा विधायकों ने सरकार पर हिमाचल के हितों की अनदेखी करने, झूठे आंकड़े पेश करने और सदन को गुमराह करने के आरोप लगाए।