राजस्व घाटा अनुदान पर सदन में सुक्खू का जवाब, पूर्व भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप

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देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला

मुख्यमंत्री सुखबिंदर सिंह सुक्खू ने राजस्व घाटा अनुदान पर लाए गए संकल्प प्रस्ताव के जवाब में सदन में विस्तृत वित्तीय आंकड़े रखते हुए पूर्व जयराम ठाकुर सरकार पर संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है और राजस्व बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जयराम सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में राज्य का अपना राजस्व 55,564 करोड़ रुपये रहा, जबकि उनकी सरकार के तीन वर्षों में यह आंकड़ा 50,520 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ऋण प्रबंधन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने पांच साल में 45,250 करोड़ रुपये का कर्ज लिया और 38,722 करोड़ रुपये चुकाए, जबकि उनकी सरकार ने तीन वर्षों में 35,482 करोड़ रुपये का ऋण लिया और 27,443 करोड़ रुपये वापस किया।
केंद्र से प्राप्त सहायता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को लगभग 54,000 करोड़ रुपये मिले, जिसमें 11,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद शामिल थी। यदि इसमें जीएसटी के 16,000 करोड़ रुपये जोड़ दिए जाएं तो यह राशि 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। इसके विपरीत, उनकी सरकार को ग्रांट के रूप में केवल 17,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
जीएसटी को लेकर उन्होंने कहा कि जब जीएसटी लागू हुआ तो तत्कालीन सरकार ने इसका विरोध नहीं किया और 2015-16 को बेस ईयर स्वीकार कर लिया। उनके अनुसार, अब तक जीएसटी व्यवस्था के कारण राज्य को 18,239 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। केंद्र द्वारा हिमाचल की विकास दर 18 प्रतिशत के बजाय 14 प्रतिशत मानकर गणना किए जाने और जून 2022 के बाद कंपनसेशन बंद होने से राज्य को लगातार नुकसान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि एसजेवीएन को लुहरी, सुन्नी और धौलासिद्ध परियोजनाएं राज्य हितों के विरुद्ध दी गईं। उद्योगपतियों को कस्टमाइज पैकेज के नाम पर लगभग 5,000 बीघा भूमि कम कीमत पर दी गई। चुनाव से पहले 900 से अधिक सरकारी संस्थान खोले गए, लेकिन कर्मचारियों का एरियर नहीं चुकाया गया। शराब ठेकों की नीलामी न करने से सरकारी कोषागार को नुकसान हुआ। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने जेएसडब्ल्यू से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में जीता और वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल का केस भी राज्य हित में सुलझाया।
हिमकेयर और सहारा योजना पर अधिक व्यय का दावा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने 1 जनवरी 2019 से नवंबर 2022 तक HIMCARE योजना पर 374 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि दिसंबर 2022 के बाद से वर्तमान सरकार अब तक 927 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इस योजना को सुधारों के साथ आगे भी जारी रखा जाएगा।
इसी प्रकार Sahara Yojana में पूर्व सरकार ने 140 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि वर्तमान सरकार अब तक 202 करोड़ रुपये व्यय कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूती देना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।