देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला
हिमाचल प्रदेश में राज्य लॉटरी शुरू करने की दिशा में सरकार ने औपचारिक कदम बढ़ा दिया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी अधिसूचित कर दी गई है। यह उप समिति हिमाचल प्रदेश राज्य लॉटरी (विनियमन) नियम, 2026 का ड्राफ्ट तैयार करेगी। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। समिति को एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही में हुई मंत्रिमंडल बैठक में राज्य में लॉटरी योजना शुरू करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया गया था।
राजस्व बढ़ाने की दिशा में कदम
राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के बाद आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही राज्य सरकार ने अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में लॉटरी योजना को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। अनुमान है कि लॉटरी प्रारंभ होने पर राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये तक की आय हो सकती है।
कैबिनेट सब कमेटी में उद्योग मंत्री के अतिरिक्त पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी को सदस्य बनाया गया है। निदेशक कोषागार को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। समिति लॉटरी संचालन के लिए केरल और पंजाब के मॉडल का अध्ययन भी करेगी।
25 वर्ष बाद फिर लागू होगी योजना
हिमाचल प्रदेश में करीब ढाई दशक बाद लॉटरी योजना दोबारा शुरू की जा रही है। वर्ष 1999 में तत्कालीन सरकार ने राज्य में लॉटरी पर रोक लगा दी थी। अब आर्थिक संसाधनों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इसे पुनः लागू करने की तैयारी की जा रही