इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ का दायरा बढ़ा, विधवाओं की बेटियों को 27 वर्ष तक मिलेगी सहायता

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देवभूमि न्यूज 24.इन
राज्य में शिक्षा की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के तहत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए Indira Gandhi Sukh Shiksha Yojana का दायरा बढ़ा दिया है। अब इस योजना के अंतर्गत विधवा महिलाओं की बेटियों को प्रदेश के भीतर ही नहीं, बल्कि प्रदेश से बाहर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना का उद्देश्य विधवा, निराश्रित या तलाकशुदा महिलाओं तथा दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में समग्र सहयोग देना है। संशोधित प्रावधानों के तहत पात्र विधवाओं की बेटियों को 27 वर्ष की आयु तक योजना का लाभ मिलेगा।
राज्य से बाहर स्थित सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम कर रही छात्राओं को किराया या पीजी आवास शुल्क के लिए अधिकतम 10 महीनों तक प्रति माह 3,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। यह सहायता तब प्रदान की जाएगी जब सरकारी छात्रावास की सुविधा उपलब्ध न हो।
योजना में इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, व्यवसाय एवं प्रबंधन, चिकित्सा एवं संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान, लॉ, कंप्यूटर एप्लीकेशन एवं आईटी सर्टिफिकेशन, एजुकेशन एवं ह्यूमैनिटीज, राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) के पाठ्यक्रम, शिल्पकार प्रशिक्षण योजना तथा Central Institute of Petrochemicals Engineering and Technology द्वारा संचालित कार्यक्रम शामिल किए गए हैं।
वर्तमान में योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं और दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक मासिक वित्तीय सहायता दी जा रही है। साथ ही राज्य के सरकारी संस्थानों में अध्ययनरत लाभार्थियों की ट्यूशन फीस, छात्रावास शुल्क और अन्य शैक्षणिक व्यय भी वहन किए जा रहे हैं।
18 से 27 वर्ष आयु वर्ग की 504 छात्राएं वर्तमान में इस योजना का लाभ उठा रही हैं। अनुमान है कि इनमें से लगभग 20 प्रतिशत छात्राएं विस्तारित प्रावधानों के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का चयन करेंगी, जिसके लिए लगभग एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक बजट प्रावधान किया जाएगा।
वित्त वर्ष के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के अंतर्गत 31.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें से 3 फरवरी 2026 तक 22.96 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
Sukhvinder Singh Sukhu ने कहा कि राज्य सरकार समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। योजना का उद्देश्य लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे आर्थिक बाधाओं के बिना अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार सभी बच्चों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर रही है।