व्यापार समझौतों से सेब बागवानों पर पड़ेगा असर: सुक्खू

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देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के किसानों व बागवानों पर गंभीर प्रभाव डालेंगे। उन्होंने कहा कि इन समझौतों के कारण सेब, अखरोट, बादाम और अन्य फलों का आयात विदेशों से बढ़ेगा, जिससे स्थानीय उत्पादकों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ जैसे देशों के साथ हुई ट्रेड डील के तहत सेब और सूखे मेवों पर आयात शुल्क में कमी की गई है, जिससे पहाड़ी राज्यों की आर्थिकी प्रभावित होगी। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में सेब बागवानी लगभग 5,000 करोड़ रुपये का योगदान देती है और करीब 2.5 लाख परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है। ऐसे में आयात बढ़ने से बागवानों के सपनों को झटका लगेगा।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राहुल गांधी ने संसद में उठाया है और किसानों की आवाज बुलंद की है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र से बागवानों को कोई विशेष सहायता या समर्थन नहीं मिला, जो उनके साथ अन्याय है।
दुर्व्यवहार की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई
श्रीनगर में प्रेस वार्ता के दौरान सुक्खू ने कहा कि कुछ कश्मीरी शॉल विक्रेताओं के साथ हिमाचल में हुए दुर्व्यवहार की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि उमर अब्दुल्ला ने भी इस संबंध में उनसे बातचीत की थी, जिसके बाद 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर से आने वाले व्यापारी वर्षों से हिमाचल में शांति और सौहार्द के साथ व्यापार करते रहे हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर रील बनाने के उद्देश्य से ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश करते हैं, लेकिन सरकार ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेती है और तुरंत कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी भाई हिमाचल में निर्भय होकर अपना व्यापार करें, राज्य सरकार उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।