शून्य दाखिले वाले 39 स्कूल बंद, 100 से कम विद्यार्थियों वाले 21 कॉलेज होंगे मर्ज: रोहित ठाकुर

Share this post

देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सचिवालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि शून्य नामांकन वाले और कुल 39 स्कूलों को बंद किया जाएगा, जबकि 100 से कम विद्यार्थियों वाले 21 कॉलेजों का विलय किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दो किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा, उन्हें सरकार परिवहन भत्ता देगी। गैर-सीबीएसई स्कूलों के विलय के लिए भी प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरप्लस शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को आवश्यकता अनुसार अन्य संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 100 से कम नामांकन वाले कॉलेजों के विलय से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, शिक्षकों की भर्ती या वर्तमान कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।
खेल छात्रावासों के लिए लंबित 1.2 करोड़ रुपये का डाइट फंड शीघ्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही एससीईआरटी द्वारा तैयार मॉड्यूल के आधार पर नव-पदोन्नत प्रधानाचार्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया।
शिक्षक भर्ती में न्यूनतम 23 वर्ष आयु सीमा समाप्त
शिक्षा मंत्री ने शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 23 वर्ष की शर्त समाप्त करने के निर्देश दिए। कई अभ्यर्थियों की डिग्री 23 वर्ष से पहले पूरी हो जाती है, जिसके कारण वे गणित और अंग्रेजी विषयों के विज्ञापित पदों के लिए अपात्र हो रहे थे। सरकार के इस निर्णय से युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
ये कॉलेज होंगे मर्ज
कुपवी, मुल्थान, ननखड़ी, जयनगर, कोटली, थाची, भराली, रामशहर, कुमारसैन, चिंतपूर्णी, श्रीनयना देवी जी, रक्कड़, चौकी मनियार और रोनहाट सहित वे कॉलेज जहां 100 से कम विद्यार्थी नामांकित हैं, उनका विलय किया जाएगा।
तीन वर्षों में 1250 स्कूल बंद या मर्ज
मार्च 2023 में सरकार ने अप्रैल 2022 के बाद खोले गए 17 डिग्री और दो संस्कृत कॉलेज बंद किए थे। पिछले तीन वर्षों में 1250 स्कूलों को बंद या मर्ज किया गया, जिनमें से 450 स्कूल ऐसे थे जहां एक भी विद्यार्थी नामांकित नहीं था।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में किए जा रहे सुधारों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य भर में शैक्षणिक मानकों में सुधार और संस्थागत सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हाल ही में 39 छात्र और छात्रा विद्यालयों का विलय कर उन्हें सह-शिक्षा संस्थानों में परिवर्तित किया गया है, ताकि बुनियादी ढांचे और शिक्षण स्टाफ का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। सरकार संसाधनों के प्रभावी उपयोग और मजबूत शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।