देवभूमि न्यूज 24.इन
नई दिल्ली। जेएनयू परिसर में 22 फरवरी 2026 की रात दो छात्र समूहों के बीच हुई झड़प को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन ने घटनाओं को “भयावह” बताते हुए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
क्या कहा प्रशासन ने
विश्वविद्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों ने कथित तौर पर परिसर के भीतर कई शैक्षणिक भवनों को बंद कर दिया था। आरोप है कि प्रदर्शनकारी केंद्रीय पुस्तकालय में भी घुसे और कुछ छात्रों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दबाव डाला।
प्रशासन ने कहा कि इन घटनाओं के बाद दो छात्र समूहों के बीच टकराव हुआ। विश्वविद्यालय ने परिसर में इस प्रकार के अराजक व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि यह शैक्षणिक वातावरण और समावेशी मूल्यों के विपरीत है।
बीएनएस के तहत होगी कार्रवाई
जेएनयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय के नियमों और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि परिसर में शांति और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके।
छात्र संगठनों के अलग-अलग दावे
घटना को लेकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अपने-अपने पक्ष से अलग-अलग दावे पेश किए हैं। दोनों संगठनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं और घटनाक्रम को लेकर भिन्न तस्वीर सामने रखी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि तथ्यों की जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रूप से जारी रह सकें।