देवभूमि न्यूज 24.इन
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की और प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न वित्तीय विषयों को उनके समक्ष रखा।
जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को निरंतर दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले प्रदेश के संतुलित एवं सतत विकास के लिए केंद्र का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश की वित्तीय सुदृढ़ता, आधारभूत संरचना के विकास, आपदा राहत तथा विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए अधिकतम वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
नेता प्रतिपक्ष ने विश्वास जताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों का पूर्ण ध्यान रखेगी और आवश्यक सहयोग प्रदान करती रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में प्रदेश को अभूतपूर्व सहयोग मिला है। विशेष राज्य का दर्जा मिलने के कारण केंद्र प्रायोजित 191 योजनाओं में हिमाचल की भागीदारी केवल 10 प्रतिशत रहती है, जबकि शेष व्यय केंद्र सरकार वहन करती है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में नेशनल हाईवे, फोरलेन, विश्वस्तरीय टनल और रेलवे नेटवर्क के विस्तार जैसे आधारभूत ढांचे के विकास में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया गया है, जिसके अनुरूप हिमाचल में व्यापक विकास कार्य हुए हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं (EAP) के माध्यम से केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को लगभग 3000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। ‘जायका-2’ परियोजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 1617 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है, जिसमें 1294 करोड़ रुपये का ऋण जायका द्वारा दिया जाएगा और 1165 करोड़ रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी। इससे प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों और 86 स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं में सुधार होगा।
इसके अतिरिक्त, आपदा पुनर्निर्माण के लिए विश्व बैंक द्वारा 1992 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है, जिसमें से 1792 करोड़ रुपये का वहन केंद्र सरकार करेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वे प्रदेश के विकास और जनता के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत हैं तथा हिमाचल के अधिकारों और आवश्यकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाते रहेंगे।