देवभूमि न्यूज 24.इन
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में प्रारंभ किए गए राष्ट्रव्यापी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की हृदय से सराहना की है। उन्होंने इसे देश की करोड़ों बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी और दूरदर्शी कदम बताया।
शिमला से जारी प्रेस विज्ञप्ति में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इतनी विशाल आबादी को कवर करने वाला यह टीकाकरण कार्यक्रम प्रधानमंत्री की ‘मातृशक्ति’ के स्वास्थ्य और गरिमा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर चुनौती बना हुआ है, जिससे हर वर्ष हजारों परिवार प्रभावित होते हैं।
आंकड़ों की गंभीरता पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि देश में प्रतिवर्ष लगभग 80,000 नए मामले सामने आते हैं और करीब 42,000 महिलाओं की असमय मृत्यु हो जाती है, जो समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ऐसे में 14 वर्ष की बालिकाओं को निःशुल्क टीका उपलब्ध कराने का निर्णय न केवल बीमारी के बोझ को कम करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित और रोगमुक्त भविष्य भी सुनिश्चित करेगा।
जयराम ठाकुर ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रतिवर्ष लगभग 1.15 करोड़ बालिकाओं को सुरक्षा कवच प्रदान करने का लक्ष्य विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य अभियानों में से एक है। यह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के कुशल प्रबंधन और ‘स्वस्थ भारत’ के संकल्प को दर्शाता है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों की बेटियों तक भी टीके की पहुंच सुनिश्चित हो सके। उनका कहना था कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लाभार्थी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते, इसलिए इसे ‘मिशन मोड’ में लागू करना आवश्यक है।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि विज्ञान और सेवा के इस संगम से भारत आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन की दिशा में वैश्विक मिसाल कायम करेगा। इससे न केवल महिलाओं की जीवन प्रत्याशा बढ़ेगी, बल्कि देश की मातृशक्ति और अधिक सशक्त होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकेगी।