मंडी जिला की कोटली सब तहसील में ‘श्री तुंगल नगर परिषद’ गठन की मांग तेज

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राजीव शर्मन,ब्यूरो
देवभूमि न्यूज 24.इन
ऊना/मंडी

कोटली सब तहसील के तुंगल इलाके में ‘श्री तुंगल नगर परिषद’ के गठन की मांग ने जोर पकड़ लिया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आज़ादी के 75 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद तुंगल क्षेत्र अब भी सर्वांगीण विकास की बाट जोह रहा है। दर्जनों ग्राम पंचायतों के अस्तित्व में होने के बावजूद विकासात्मक गतिविधियां अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार जल, जंगल और जमीन का समुचित प्रबंधन एवं संसाधनों का प्रभावी दोहन न होने के कारण तुंगल इलाका आज भी पिछड़ेपन का शिकार है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं, जिससे पलायन की समस्या बढ़ रही है। ऐसे में कोटली सब तहसील मुख्यालय में एक नई ‘श्री तुंगल नगर परिषद’ का गठन समय की आवश्यकता बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का मानना है कि आसपास की पंचायतों का महा-विलय कर एक वृहद नगर परिषद का गठन किया जाए, ताकि क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास, आधारभूत ढांचे का विस्तार, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा और रोजगारोन्मुखी योजनाओं का क्रियान्वयन संभव हो सके। वयोवृद्ध ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए तुंगल घाटी में ‘श्री तुंगल नगर परिषद’ का गठन अब समय की पुकार बन चुका है।
प्रस्तावित महा-विलय में ग्राम पंचायत कोटली, सुराड़ी, सपलोह, खल्यातर, साई-गलू, कसाण, भरगांव-द्रुबल, कोट-कुन्नतर, सदोह, देवधार, सदयाणा (सिद्ध-याणा), वीर, खड्ड कलयाणा और रछौड़ा सहित अन्य पंचायतों को शामिल करने की मांग उठाई गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इन पंचायतों को एक प्रशासनिक इकाई के अंतर्गत लाकर योजनाबद्ध विकास को गति दी जा सकती है।
स्थानीय जनता ने सरकार से आग्रह किया है कि तुंगल क्षेत्र की भौगोलिक दुर्गमता और विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ‘श्री तुंगल नगर परिषद’ के गठन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए, ताकि क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।