*देवभूमि न्यूज 24.इन*
⭕शीतला अष्टमी का पर्व भारत के कई राज्यों जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इसे कई जगह बसोड़ा या बसोड़ा पूजा भी कहा जाता है। भारत में कई ऐसे धार्मिक पर्व मनाए जाते हैं जिनका संबंध स्वास्थ्य, प्रकृति और लोक आस्था से होता है। उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण पर्व है शीतला अष्टमी। यह त्योहार मुख्य रूप से माता शीतला की पूजा के लिए मनाया जाता है।
⚜️2026 में कब है शीतला अष्टमी?
卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐•2026 में शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी। यह पर्व चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है और होली के कुछ दिनों बाद आता है।
⚜️शीतला अष्टमी पूजा समय और मुहूर्त 2026
卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐•शीतला अष्टमी बुधवार, 11 मार्च 2026 को
🚩अष्टमी तिथि प्रारम्भ- 11 मार्च, 2026 को 01:54 ए एम बजे
🚩अष्टमी तिथि समाप्त- 12 मार्च 2026 को 04:19 ए एम बजे
🚩शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त- 06:36 ए एम से 06:27 पी एम
🚩अवधि- 11 घण्टे 51 मिनट्स।
🪔शीतला अष्टमी का महत्व
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
यह पर्व रोगों से सुरक्षा की मान्यता वाला है। माना जाता है कि माता शीतला की पूजा करने से चेचक, त्वचा रोग और संक्रमण से बचाव होता है। इस दिन घरों में नया या गरम खाना नहीं बनाया जाता। इस अवसर पर ठंडे भोजन की परंपरा है। एक दिन पहले बने भोजन को ही माता को भोग लगाया जाता है। शीतला माता की पूजा के साथ घर और आसपास की सफाई का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व स्वच्छता और स्वास्थ्य का संदेश देता है। इस दिन श्रद्धा से पूजा करने से परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और स्वास्थ्य बना रहता है।
🪔शीतला अष्टमी पूजा विधि
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- घर या मंदिर में शीतला माता की पूजा करें।
- माता को ठंडा भोजन जैसे पूरी, हलवा, दही, चावल आदि का भोग लगाएं।
- धूप, दीप और फूल अर्पित करें।
- परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें।
⚜️शीतला अष्टमी पर क्या नहीं करना चाहिए
卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐
- इस दिन चूल्हा या गैस नहीं जलाते।
- गरम भोजन बनाने से बचा जाता है।
- कई लोग इस दिन तला-भुना खाना भी नहीं बनाते।
🪔शीतला अष्टमी-
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
⚜️1. शीतला अष्टमी क्या है?
卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐
यह माता शीतला की पूजा का पर्व है, जिसे रोगों से रक्षा और परिवार के स्वास्थ्य के लिए मनाया जाता है।
⚜️2. शीतला अष्टमी क्यों मनाई जाती है?
卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐
मान्यता है कि माता शीतला की पूजा करने से चेचक और अन्य रोगों से बचाव होता है।
⚜️3. शीतला अष्टमी को बसोड़ा क्यों कहा जाता है?
卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐
इस दिन एक दिन पहले बना ठंडा भोजन खाया जाता है, इसलिए इसे बसोड़ा या बसोड़ा पूजा कहा जाता है।
*🚩जय_माता_की🚩*
🙏🏻🙏🏻🙏🏻
💐💐💐💐💐💐💐💐💐