आपदा एक्ट हटाने पर सुक्खू सरकार घिरी, जयराम ठाकुर ने उठाए तीखे सवाल
देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा छह महीने बाद आपदा एक्ट (डिजास्टर एक्ट) हटाए जाने के निर्णय पर कड़े सवाल खड़े करते हुए Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व वाली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उनका आरोप है कि आपदा के समय सरकार ने राहत कार्यों की बजाय जश्न मनाने में अधिक रुचि दिखाई और इस पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत नहीं मिल पाई।
शिमला से जारी प्रेस विज्ञप्ति में जयराम ठाकुर ने सरकार से पूछा कि क्या राज्य में आपदा के बाद पुनर्वास और बहाली के कार्य पूरी तरह से संपन्न हो गए हैं, जो अब आपदा एक्ट हटाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी सवाल किया कि आपदा राहत के नाम पर अब तक कितनी राशि वास्तव में प्रभावितों पर खर्च की गई और धरातल पर उसका क्या असर दिखाई देता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं। सड़कों पर मलबा पड़ा है और सैकड़ों बस रूट पिछले आठ महीनों से बंद हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आपदा में टूटे कई पुलों को अभी तक स्थायी रूप से ठीक नहीं किया गया है और केवल अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से छोटे व हल्के वाहनों की आवाजाही ही संभव हो पाई है, जबकि भारी वाहनों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
जयराम ठाकुर ने आशंका जताई कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आगामी बरसात में फिर से गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा के दौरान बड़ी-बड़ी मशीनों के बिल पास करने और अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने का काम किया, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ।
पेयजल योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई योजनाएं अभी तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है। वहीं बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई प्रभावित क्षेत्रों में बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर तक अभी तक नहीं लगाए गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा एक्ट की आड़ में पंचायत चुनाव टालने का काम किया और प्रदेश के विकास कार्यों को ठप कर दिया। उनका कहना था कि यदि समय पर पंचायत चुनाव कराए जाते तो स्थानीय स्तर पर विकास कार्य आगे बढ़ सकते थे, लेकिन सरकार चुनावी हार के डर से उन्हें टाल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर से अब तक मुख्यमंत्री और उनके मंत्री केंद्र सरकार को कोसने में व्यस्त रहे हैं, जबकि प्रदेश के लोगों को राहत और विकास की जरूरत है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में 1 सितंबर को आपदा एक्ट लागू करने की घोषणा की थी, जबकि इसे वास्तव में अक्टूबर में लागू किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक आपदा एक्ट लागू रखकर सरकार ने विकास कार्यों को बाधित किया और इस दौरान बचने वाले धन का उपयोग अन्य फिजूलखर्ची में किया गया। अंत में जयराम ठाकुर ने चेतावनी दी कि सरकार की इस कार्यशैली से प्रदेश की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।