स्मार्ट बिजली मीटरों के खिलाफ विरोध तेज, कर्मचारी-पेंशनर भी उतरे मैदान में

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देवभूमि न्यूज 24.इन


शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों के खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। आम उपभोक्ताओं के बाद अब Himachal Pradesh State Electricity Board के कर्मचारी और पेंशनर भी इसके विरोध में उतर आए हैं। वीरवार को मुख्य अभियंता कार्यालय मट्टनसिद्ध के बाहर कर्मचारियों और पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन कर स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले का विरोध जताया।
बिजली बोर्ड हमीरपुर जोन के मुख्य अभियंता (संचालन) की ओर से जारी पत्र में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के पुराने बिजली मीटरों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने के निर्देश दिए गए हैं। इसी आदेश के विरोध में कर्मचारी संगठनों और पेंशनरों ने प्रदर्शन किया।
Himachal Pradesh State Electricity Board Employees Union के प्रदेशाध्यक्ष Nitish Bhardwaj, पूर्व प्रधान Kameshwar Dutt Sharma, Heera Lal Verma तथा बिजली पेंशनर्ज फोरम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष Kuldeep Kharwada ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि देशभर में बिजली कर्मचारी और अभियंता स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह महंगी और आम जनता के लिए अनावश्यक तकनीक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित Electricity (Amendment) Bill, 2025 के माध्यम से निजीकरण को बढ़ावा देने और निजी कंपनियों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर लागू किए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बोर्ड प्रबंधन निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था लागू कर रहा है, जिससे करीब 2500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा और इसकी भरपाई उपभोक्ताओं से बिजली बिलों के जरिए की जाएगी।
यूनियन और पेंशनर्ज फोरम ने मांग की कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के घरों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने से संबंधित भेदभावपूर्ण कार्यालय आदेश तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो 9 मार्च को मुख्य अभियंता (परिचालन) धर्मशाला कार्यालय के बाहर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बिजली बोर्ड को प्रयोगशाला न बनाएं : महाजन
इस बीच State Electricity Board Pensioners Welfare Association की चंबा शाखा की मासिक बैठक में भी पेंशनरों ने स्मार्ट मीटर का विरोध किया। बैठक की अध्यक्षता संघ के वरिष्ठ सदस्य एवं मुख्य सलाहकार Vishwamitra Mahajan ने की। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड को बेवजह प्रयोगशाला न बनाया जाए, बल्कि जनहित में ठोस नीति बनाकर आम जनता को राहत दी जाए।
संघ के अध्यक्ष Mukesh Bedi ने कहा कि बिजली बोर्ड का निजीकरण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसके सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। बैठक में जिला विधि सेवा प्राधिकरण चंबा के सदस्यों ने वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सहायता और विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। इस अवसर पर करीब 75 पेंशनर उपस्थित रहे।
स्मार्ट मीटर में कोई खामी नहीं : नेगी
वहीं Himachal Pradesh State Electricity Board के प्रबंध निदेशक Aditya Negi ने कहा कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सही हैं और इनमें किसी प्रकार की खामी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसका बिजली बिल अधिक आ रहा है, तो वह दूसरा मीटर लगवाकर जांच कर सकता है।