पर्यटन निगम के होटलों को निजी हाथों में सौंपने पर बवाल, जयराम ठाकुर बोले ‘हिमाचल ऑन सेल’

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देवभूमि न्यूज 24.इन
शिमला। जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के आठ प्रमुख होटलों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से निजी ऑपरेटरों को सौंपने के फैसले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सुखबिंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार की नीति को “हिमाचल ऑन सेल” करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश की बहुमूल्य संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार राज्य के संसाधनों की खुली लूट कर रही है और जनसंपदा को अपने खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए निजी क्षेत्र को परोस रही है। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल की भूमि, पहचान और संसाधनों की रक्षा के लिए बनाए गए Himachal Pradesh Tenancy and Land Reforms Act 1972 की धारा 118 में छूट देने के नाम पर पहले ही “हिमाचल ऑन सेल” की मुहिम चलाई जा रही थी और अब इसमें पर्यटन निगम के होटल भी शामिल कर लिए गए हैं।
आठ होटलों को आउटसोर्स करने का आरोप
जयराम ठाकुर ने कहा कि पर्यटन विभाग के पत्र संख्या OP/O&M/TDC/26 से स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश के कई प्रमुख होटलों को ऑपरेशन और मेंटेनेंस के आधार पर निजी कंपनियों को सौंपने की मंजूरी दी जा चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि जिन होटलों को आउटसोर्स करने की सूची में शामिल किया गया है, उनमें
Hotel Lake View Bilaspur
Hotel Mamleshwar Chindi
Hotel Apple Blossom Fagu
Hotel Chanshal Rohru
Hotel Sarvari Kullu
Hotel Old Roscommon Kasauli
Hotel Shivalik Parwanoo
Hotel Giriganga Khadapatthar
जैसे प्रमुख होटल शामिल हैं।
सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष पहले ही आशंका जता चुका था कि सरकार लाभप्रद होटलों को जानबूझकर कमजोर कर उन्हें निजी क्षेत्र को सौंपने की योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि ऐसा नहीं होगा, लेकिन अब विभागीय पत्र से स्पष्ट हो गया है कि सरकार अपनी बात से पीछे हट गई है।
उन्होंने कहा कि इन होटलों के निजीकरण से न केवल राज्य के राजस्व को दीर्घकालिक नुकसान होगा, बल्कि पर्यटन निगम में कार्यरत कर्मचारियों का भविष्य भी असुरक्षित हो जाएगा।
सड़क से सदन तक विरोध की चेतावनी
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार घाटे का बहाना बनाकर प्राइम लोकेशन पर स्थित इन संपत्तियों को अपने चहेतों को कौड़ियों के भाव लीज पर देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष हिमाचल की अस्मिता और संसाधनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगा और इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।