कांग्रेस के ‘हैवीवेट’ दे रहे पंजाब की नब्ज का डाटा: कैप्टन, जाखड़, से फीडबैक लेकर बनेगा चुनावी रोडमैप, बॉर्डर को मिलेगी सौगात
*देवभूमि न्यूज 24*
चंडीगढ़, : पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा ने अपना मिशन तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 जुलाई का प्रस्तावित दौरा इसी रणनीति का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि इस बार भाजपा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने सिंबल पर चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस के दिग्गजों से ली जा रही पंजाब की ‘पल्स’
भाजपा की चुनावी रणनीति में सबसे बड़ा बदलाव ये है कि कांग्रेस से आए नेताओं को फ्रंट पर लाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़, परनीत कौर, राणा गुरजीत सिंह, अरविंद खन्ना और राज कुमार चौधरी जैसे नेताओं से “पंजाब की मेन प्रॉब्लम” पर डाटा इकट्ठा किया जा रहा है।
पार्टी इन्हीं नेताओं से हर हलके की जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दे और नाराजगी का ग्राउंड रिपोर्ट ले रही है। मकसद साफ है: 2022 में 6-7% वोट शेयर को 2027 में सीटों में बदलना। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “जिन्होंने कांग्रेस की सरकार चलाई और हारी, वही बताएंगे कि जनता असल में क्या चाहती है।”
5 महीने में PM मोदी का दूसरा दौरा, दोआबा बनेगा लॉन्चपैड
17 जुलाई को PM मोदी जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे और दोआबा में मेगा रैली करेंगे। इससे पहले 1 फरवरी को भी वह जालंधर आ चुके हैं। इसी बीच अमित शाह और प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन भी दौरा कर चुके हैं। पार्टी दोआबा, माझा और मालवा में बूथ स्तर तक कमेटियां बना चुकी है। फोकस SC, युवा, व्यापारी, किसान और फर्स्ट टाइम वोटर पर है।
बॉर्डर को स्पेशल पैकेज और फाजिल्का को मेडिकल कॉलेज
सूत्रों के अनुसार PM मोदी अपने दौरे में पाकिस्तान से सटे फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर और अमृतसर के लिए एक “स्पेशल बॉर्डर पैकेज” का ऐलान कर सकते हैं। इसमें सुरक्षा, ड्रोन रोकथाम, इंफ्रा और रोजगार शामिल होगा। फाजिल्का के पूर्व भाजपा विधायक की मेडिकल कॉलेज की मांग भी इस पैकेज में जुड़ सकती है। पार्टी बॉर्डर के गांवों में हेल्थ और एजुकेशन को बड़ा मुद्दा बनाना चाहती है।
भाजपा के 4 चुनावी हथियार
- विकास: अमृत भारत स्टेशन, हाईवे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और निवेश
- सुरक्षा: नशा, ड्रोन और बॉर्डर सिक्योरिटी पर जीरो टॉलरेंस
- किसान: MSP और खरीद की गारंटी पर केंद्र के काम
- स्थानीय मुद्दे: कैप्टन और जाखड़ की टीम से मिले फीडबैक के आधार पर हर जिले के 3 बड़े मुद्दे मैनिफेस्टो में
विपक्ष के मुद्दे काटने की तैयारी
जबकि कांग्रेस और AAP कृषि, बेरोजगारी, नशे और कानून-व्यवस्था को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं, भाजपा इसे “डबल इंजन बनाम भ्रष्टाचार” पर ले जाना चाहती है। पार्टी का तर्क है कि केंद्र की योजनाएं + स्थानीय नेताओं का अनुभव = पंजाब का विकास।
2022 की हार से सबक, 2027 का टारगेट
2020 में अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा ने अकेले लड़कर सीखा है। अब संगठन, चेहरे और मुद्दे तीनों रेडी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर कांग्रेस से आए नेताओं का डाटा सही इस्तेमाल हुआ तो भाजपा पहली बार पंजाब में मुख्य मुकाबले में होगी।
PM मोदी की 17 जुलाई की रैली से “मिशन 117” का बिगुल बजेगा। इसके बाद हर जिले में “मोदी की गारंटी” सभाएं होंगी। आने वाले महीनों में गठबंधन पर फैसला भले लटका हो, लेकिन भाजपा का संदेश साफ है: इस बार अकेले, और पूरी ताकत से।