*देवभूमि न्यूज 24*
अमर शहीद कमलकांत के पैतृक गांव कोटड़ी व्यास स्थित समृति स्थल पर भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई क्षेत्र एवं परिवार व गांवसियों ने मिलकर अमर शहीद कमलकांत को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय व शहीद कमलकांत अमर रहे के नारे लगाए और भूतपूर्व सैनिक सगंठन पांवटा साहिब व शिलाई क्षेत्र के पदाधिकारीयों ने उपस्थित सभी नौजवानों से राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर काम करने की अपील की तथा देश के लिए हमेशा मर मिटने के लिए तैयार रहने की बात की। उन्होंने कहा कि शहीद कमलकांत द्वारा ऑपरेशन पराक्रम में भारत माता की सीमाओं की रक्षा के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा।
भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई क्षेत्र के पदाधिकारियों ने शहीद कमलकांत के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। शहीद सिपाही कमलकांत 1999 में 4वीं ग्रीनेडियर बटालियन मे सेना में भर्ती हुए।

2002 में ऑपरेशन पराक्रम के अंतर्गत कश्मीर में तैनात थे। 8 सितंबर 2002 को सिपाही कमलकांत ने दुश्मनों से लोहा लेते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना मातृभूमि की रक्षा में लीन होकर अंततः वीरगति को प्राप्त हुए। वह अविवाहित थे। परिवार, गांव व क्षेत्र के सभी लोगों को भारत माता के सच्चे सिपाही कमलकांत के बलिदान पर गर्व है।
सनंद रहे कि वीरमाता कपली देवी के देहांत के बाद शहिद कमलकांत के परिवार में शहीद के भाई काबुल सिहं व भाभी मीरा देवी तथा उनके बच्चे है।
इस मौके पर शहीद कमलकांत के भाई काबुल सिहं व परिवार के सदस्य तथा भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई क्षेत्र से अध्यक्ष करनैल सिंह, सचिव ओमप्रकाश, कोशाध्यक्ष इंद्र सिंह, मामराज चौहान, सुनिल चौहान के अलावा ग्रामवासी हेमन्त कुमार, शुभम, दीपक कुमार, पूरन चंद, गगन कुमार एवं कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।