देवभूमि न्यूज 24
शिलाई : नेशनल हाईवे-707 पसतोन और बड़वास के बीच करीब ढाई मील का हिस्सा बारिश के दौरान लोगों के लिए लगातार परेशानी का सबब बना हुआ है। हल्की बारिश होते ही इस हिस्से में स्लाइडिंग और मलबा गिरने से सड़क बाधित हो जाती है। इसके चलते वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संवेदनशील हिस्से में बार-बार 108 एंबुलेंस फंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिछले दिनों दो एंबुलेंस के फंसने के बाद अब एक बार फिर 108 एंबुलेंस के मलबे में फंसने की सूचना है। ऐसे में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी होने से उनकी जान पर खतरा पैदा हो सकता है। सवाल उठ रहा है कि यदि आपात स्थिति में मरीज को समय पर उपचार नहीं मिल पाता और कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?सबसे चिंताजनक बात यह है कि बार-बार स्लाइडिंग वाले इस हिस्से में सड़क खोलने के लिए पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। बारिश के दौरान सैकड़ों वाहन सड़क पर फंस जाते हैं और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह मार्ग जीवनरेखा है, लेकिन बार-बार बाधित होने से उन्हें अपने घरों तक पहुंचने और मरीजों को पांवटा साहिब तक ले जाने में जोखिम उठाना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन और NH-707 से जुड़े जिम्मेदार विभाग आखिर कब स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे? उनका कहना है कि जब हल्की बारिश में ही सड़क बंद हो जाती है तो बरसात के दौरान बड़े हादसे या गंभीर आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के विधानसभा क्षेत्र में आता है। लोगों का कहना है कि सरकार और मंत्री को इस संवेदनशील सड़क की स्थिति पर जवाब देना चाहिए और बार-बार होने वाली स्लाइडिंग का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।सवाल सीधा है आखिर कब तक NH-707 पर बारिश के साथ लोगों की मुश्किलें बढ़ती रहेंगी और कब तक मरीजों की जिंदगी सड़क की स्लाइडिंग के भरोसे रहेगी?