4 नवंबर को संगरूर में प्रस्तावित जनसभा की तारीख पर जताई नाराजगी, कहा- पुराने जख्मों को फिर से किया जा रहा है ताजा
*देवभूमि न्यूज 24*
चंडीगढ़। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के 4 नवंबर को प्रस्तावित पंजाब दौरे से पहले विरोध के स्वर उठने लगे हैं। वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित परिवारों ने राहुल गांधी के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। राहुल गांधी इस दिन संगरूर जिले में एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं।
दंगा पीड़ित परिवारों की नाराजगी का मुख्य कारण रैली की तारीख बताई जा रही है। उनका कहना है कि वर्ष 1984 में सिख विरोधी दंगे 1 नवंबर से शुरू हुए थे। उस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और हजारों परिवार प्रभावित हुए थे। पीड़ित परिवारों और महिलाओं का कहना है कि उस दर्दनाक दौर की यादें आज भी उनके मन में ताजा हैं।
पीड़ित परिवारों का मानना है कि नवंबर के शुरुआती दिनों में राजनीतिक रैली आयोजित करना उनकी भावनाओं को आहत कर सकता है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने 4 नवंबर को राहुल गांधी के पंजाब दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
मिशन 2027 के लिहाज से अहम माना जा रहा दौरा
राहुल गांधी का यह पंजाब दौरा वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है और मालवा क्षेत्र की राजनीति में इसकी अहम भूमिका है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि राहुल गांधी संगरूर की जनसभा के माध्यम से पंजाब में कांग्रेस के आगामी चुनावी अभियान को गति देने का प्रयास कर सकते हैं। पंजाब विधानसभा की कुल 117 सीटों में मालवा क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है।
ऐसे में राहुल गांधी की संगरूर रैली पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजरें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि 4 नवंबर को राहुल गांधी के दौरे के दौरान दंगा पीड़ित परिवारों का विरोध किस रूप में सामने आता है और कांग्रेस नेतृत्व इस नाराजगी पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
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