इसरो की बड़ी उपलब्धि: NVS-03 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण, पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों को दी बधाई

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स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम ‘नाविक’ को मिलेगी मजबूती, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम

 *देवभूमि न्यूज 24*

श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से NVS-03 उपग्रह को लेकर GSLV-F18 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण की जानकारी सामने आई है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि NVS-03 मिशन भारत के स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम ‘नाविक’ (NavIC) को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर क्षमताओं से लैस यह उपग्रह महत्वपूर्ण तकनीकों में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा और देशवासियों को बेहतर नेविगेशन सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

वैज्ञानिकों के समर्पण की पीएम ने की सराहना

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का समर्पण, परिश्रम और सूझबूझ लगातार देश को गौरवान्वित कर रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए इसरो की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए इसे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।

क्या है नाविक सिस्टम की खासियत?

नाविक (NavIC) भारत की स्वदेशी क्षेत्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणाली है। इसके माध्यम से देश और आसपास के निर्धारित क्षेत्र में सटीक स्थिति, दिशा और समय संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

NVS-03 जैसे उपग्रह इस प्रणाली की क्षमताओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे नेविगेशन सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

इस मिशन को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी वैज्ञानिक क्षमता को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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