अंधकार से प्रकाश की ओर: नरक चतुर्दशी का संदेश, बुराई पर अच्छाई की विजय

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नरकासुर का वध हुआ, कृष्ण ने किया उद्धार, छोटी दिवाली आई है, खुशियों का त्योहार।

 *देवभूमि न्यूज 24*

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी अथवा छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय, अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने और जीवन में सकारात्मकता अपनाने का संदेश देता है। इसी पावन अवसर पर ममता सक्सेना चित्रांश ने अपनी मौलिक रचना के माध्यम से पर्व की धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और आध्यात्मिक संदेश को सुंदर शब्दों में प्रस्तुत किया है।

अंधकार से प्रकाश की ओर

कार्तिक की चतुर्दशी, अंधकार को हरती, यम के लिए दीप जला, जीवन ज्योति भरती।

उबटन, तेल, स्नान किया, रूप चौदस कहलाती, मैल मिटे तन-मन का, आत्मा उज्ज्वल हो जाती।

हनुमान जी की पूजा हो, बल-बुद्धि मिल जाए, काली मां का आशीर्वाद, हर बाधा मिट जाए।

दीप जले हर द्वार पर, घर-आंगन जगमगाए, लक्ष्मी आएंगी कल घर, आज से ही सज जाए।

बुराई का नाश करो, अच्छाई को अपनाओ, अहंकार, द्वेष, क्रोध को, मन से दूर भगाओ।

नरक से स्वर्ग की ओर, यही पर्व सिखाता, जो अंधेरे में दीप जलाए, वही सच्चा ज्ञाता।

हे प्रभु, सब निरोगी रहें, रहे न कोई शोक, छोटी दिवाली लाए, सुख-शांति का लोक।

रचनाकार: ममता सक्सेना चित्रांश निवास: कोसीकलां, मथुरा (उत्तर प्रदेश)

रचनाकार ममता सक्सेना चित्रांश जी की यह रचना छोटी दिवाली के अवसर पर प्रेम, सद्भाव, आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक जीवन का संदेश देती है।

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