दीपावली 2026 : शाम 5:54 से 7:50 बजे तक लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, 1 घंटा 54 मिनट रहेगा समय

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8 नवंबर को मनाई जाएगी दीपावली, प्रदोष काल में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व

देवभूमि न्यूज 24

दीपावली का पर्व सनातन धर्म में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली की शाम प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करना विशेष फलदायी माना जाता है। इस वर्ष दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। इस मुहूर्त की कुल अवधि 1 घंटा 54 मिनट रहेगी।

लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त और प्रदोष काल

प्रस्तुत पंचांग गणना के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर 2026 को सुबह 11:27 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। सूर्यास्त शाम 5:31 बजे बताया गया है। प्रदोष काल शाम 5:31 बजे से रात 8:01 बजे तक रहेगा।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शाम 5:54 से 7:50 बजे तक का समय लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष शुभ माना गया है। इस दौरान प्रदोष काल और वृषभ लग्न का संयोग बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस समय माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

श्री यंत्र साधना और महानिशीथ काल

दीपावली की रात्रि में विशेष साधना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए महानिशीथ काल का भी धार्मिक महत्व माना जाता है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार, दिल्ली के लिए 8 नवंबर की रात 11:39 बजे से 9 नवंबर की रात 12:31 बजे तक महानिशीथ काल बताया गया है। सिंह लग्न का समय 9 नवंबर को मध्यरात्रि 12:25 बजे से रात 2:42 बजे तक दिया गया है। इस दौरान श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार मंत्र जाप और श्रीसूक्त का पाठ कर सकते हैं।

लक्ष्मी पूजन से पहले क्या करें?

दीपावली के दिन सुबह घर की साफ-सफाई कर स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा की तैयारी करनी चाहिए। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पितरों और कुलदेवता का स्मरण कर सकते हैं। कई परिवार इस दिन व्रत भी रखते हैं और शाम को लक्ष्मी-गणेश पूजन के बाद व्रत खोलते हैं।

लक्ष्मी पूजन की तैयारी और पूजा विधि

दीपावली पर घरों और प्रतिष्ठानों को गेंदे के फूलों, आम और अशोक के पत्तों तथा आकर्षक बंदनवार से सजाने की परंपरा है। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाकर दीपक जलाए जाते हैं।

पूजा स्थल पर स्वच्छ लाल या पीला वस्त्र बिछाकर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। इसके बाद दीप, धूप, पुष्प, अक्षत, फल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार नवग्रह पूजन भी करते हैं।

दीपावली का आध्यात्मिक संदेश

दीपावली हमें केवल धन-समृद्धि की कामना करना ही नहीं, बल्कि घर-परिवार में प्रेम, शांति, सद्भाव और सकारात्मकता बनाए रखने की प्रेरणा भी देती है। इस अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता करना और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखना भी जरूरी है।

समय संबंधी जरूरी जानकारी: ऊपर दिए गए 5:54 से 7:50 बजे के मुहूर्त की गणना दिल्ली के लिए है और इसकी अवधि 1 घंटा 56 मिनट है। शिमला के लिए उपलब्ध पंचांग में लक्ष्मी पूजन का समय शाम 5:50 से 7:44 बजे तक दिया गया है। इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना उचित रहेगा।

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